खुशखबरी : कम रैंक पाने वाले स्टूडेंट को भी IIT में मिलेगा मौका

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लखनऊ। अग्रणी तकनीकी शिक्षण संस्थान आईआईटी में पढऩे का सपना अब प्रवेश परीक्षा में कुछ नंबरों से पिछडऩे पर भी मिल सकता है। देश भर में संचालित 18 आईआईटी में अपनी सीट पक्की करने की इच्छा रखने वाले छात्रों को इस बार चार या इससे अधिक मौके दिए जाएंगे। पिछले वर्ष तक प्रवेश के लिए तीन काउंसिलिंग ही होती थीं। यह निर्णय ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) की आईआईटी हैदराबाद में हुई बैठक में लिया गया है।

बैठक में शामिल कानपुर परिक्षेत्र के चेयरमैन डा. एसएन सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था से उन छात्रों को भी मौका मिल सकता है, जो रैंक कम होने से काउंसलिंग में भाग नहीं ले पाते थे। ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड की बैठक के अनुसार दाखिले के लिए इस साल चार काउंसिलिंग होगी। सीटें खाली रहने पर यह संख्या और भी बढ़ सकती है। प्रवेश के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस का आयोजन 22 मई को होगा।  काउंसलिंग प्रक्रिया 25 जून से शुरू हो जाएगी। इसका शेड्यूल तैयार किया जा रहा है।

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200 सीटें रह गयी थी खाली

पिछली बार देश भर में आईआईटी की दस हजार से अधिक सीटों में करीब दो सौ सीटें खाली रह गई थीं। इन सीटों पर उन छात्रों को मौका देने के उद्देश्य से काउंसलिंग की संख्या बढ़ाई जा रही है जो कुछ ही अंकों की कमी से आईआईटी में प्रवेश लेने से चूक जाते थे।

प्रश्न पत्रों में होगा बदलाव

सत्र 2017-18 से संयुक्त प्रवेश परीक्षा का प्रारूप बदल जाएगा। इसके लिए जैब ने एक टीम गठित कर दी है। यह टीम प्रश्न पत्र का प्रारूप तय करने की दिशा में काम करेगी। इसके अंतर्गत प्रश्न पत्र कैसा होना चाहिए, कितने प्रश्न पूछे जाने चाहिए और कितने-कितने अंकों के होने चाहिए। सवालों का क्या स्टैंडर्ड होना चाहिए, इसकी रूपरेखा जल्द बनेगी। इसके लिए प्रवेश परीक्षा के पदाधिकारी अमली जामा पहनाने से पहले संस्थानों में भी जाएंगे।

आईआईटी

नये आईआईटी भी जुड़ेंगे

अगले वर्ष से प्रवेश प्रक्रिया में नये खुले आईआईटी भी जुड़ेंगे। अभी तक प्रवेश प्रक्रिया में सात आईआईटी ही अपनी भूमिका निभा रहे थे। अगले वर्ष से देश भर में 23 आईआईटी संचालित हो जाएंगी। इन सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी जैब की बैठक में सहमति दे दी गई।

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