कैबिनेट मंत्री के बेटे पर लगा धार्मिक स्थल पर कब्जा करने का आरोप, फूटा लोगों का गुस्सा

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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी के बेटे अनूप पचौरी द्वारा बीते दिनों कानपुर में आर्यनगर स्थित बाल निकुंज पार्क में दुर्गा पूजा का चबूतरा (वेदी) तोड़े जाने का मामला एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गया है। दरअसल, मंत्री पचौरी के बेटे की इस करतूत के खिलाफ अब बंगाली समाज ने कमर कस ली है।

दुर्गा पूजा का चबूतरा दोबारा बनवाने की मांग करते हुए बंगाली समाज ने ऐलान किया है कि जब तक आस्था का प्रतीक चबूतरा नहीं बनाया जाएगा आंदोलन चलता रहेगा। इस आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाने का ऐलान के साथ ही मंगलवार को लखनऊ जाकर सीएम से मिलकर मंत्री के बेटे की करतूत बताने का ऐलान किया।

आपको बता दें कि बीते 2 मई को दोपहर बिना सूचना के जेसीबी द्वारा गुपचुप तरीके से दुर्गा पूजा का चबूतरा क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। जिसके बाद क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर हंगामा किया था। बाद में उन्हें बताया गया था कि पार्क के सुंदरीकरण के लिए वेदी को तोड़ा गया है।

आरोप है कि कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी बाल निकुंज पार्क के अध्यक्ष हैं और उनके बेटे उपाध्यक्ष। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई मंत्री के बेटे के इशारे पर हुई। अगले दिन जब इस बाद की जानकारी बंगाली समुदाय को हुई तो उन्होंने कैंडल मार्च निकालते हुए मंत्री के आवास के बाहर धरना देना शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख मंत्री के बेटे ने दुर्गा पूजा के चबूतरा का निर्माण दोबारा करवाने का आश्वासन दिया। लेकिन यह आश्वासन पूरा नहीं किया गया बल्कि बीते रविवार को मंत्री के बेटे ने बेदी स्थल के निर्माण के बजाए मजूदरों के जरिए बंद करवाने की कोशिश की।

बंगाली समाज के मंत्री दीपाकर बनर्जी ने कहा कि मंत्री के बेटे ने शहर में महंगी-महंगी जमीनों पर पहले से ही कब्जा कर रखा है। अब वह 75 साल पुरानी मां दुर्गा की बेदी के चबूतरे को तुड़वाकर उसमें कब्जा करना चाहता है।

राजीव मालवीय ने बताया कि मंत्री के बेटे अनूप पार्क के साथ-साथ बंगाली समाज की अराध्य देवी की बेदी की जमीन को हथियाने के लिए कईबार प्रयास किए लेकिन वह सफल नहीं हो सका। योगी सरकार में मंत्री पद मिलते ही सत्यदेव पचौरी के बेटे ने सत्ता के बल पर बेदी को क्षतिग्रस्त कर उसे अपने कब्जे में ले लिया।

आपको बता दें कि 1973 से हर साल निकुंज पार्क में बने इस वेदी की पूजा कर वहां माता की मूर्ति स्थपित की जाती थी और दुर्गा पूजा कमेटी द्वारा दुर्गा पूजा का आयोजन चला आ रहा है। बीते वर्ष 75 साल पूरे होने पर भव्य अनुष्ठान भी किया था।

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