नशे में धुत यूपी पुलिस दारोगा ने जिम ट्रेनर को मारी गोली, परिवार ने कहा – यादव होने की मिली सज़ा

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नोएडा। यूपी में जहां एक तरफ योगी सरकार लगातार बदमाशों पर लगाम लगा रही है। रोज एनकाउंटर हो रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ कुछ ऐसे मामले सामने आ जाते हैं, जिससे पुलिस प्रशासन पर से ही भरासा उठ जाता है। यूपी के नोएडा सेक्टर 122 में एक पुलिस के दरोगा ने शादी समारोह से घर लौट रहे जिम ट्रेनर को गोली मार दी । पीड़ित युवक जीतेंद्र यादव को गंभीर हालत में फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया है।

गोली गर्दन के पास रीढ़ की हड्डी में फंसी है

घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है क्योंकि गोली उसकी गर्दन के पास रीढ़ की हड्डी में फंसी है। अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि घायल के शरीर में गोली अभी फंसी है जो गले के पास रीढ़ की हड्डी में अटक गई है। फिलहाल आरोपी दरोगा घटनास्थल से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरु कर दी है। वहीं, जीतेंद्र के परिवार का आरोप है कि सीएनजी स्टेशन पर कहासुनी के बाद नशे में धुत यूपी पुलिस दारोगा ने उसे गोली मार दी।

मामले में राजनीति भी शुरू हो गई

जितेन्द्र यादव के परिवार के आरोपों का समाजवादी पार्टी ने समर्थन किया है। समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने ट्वीट कर यूपी पुलिस पर प्रमोशन के लिए बेगुनाहों को गोली मारने का आरोप लगाया है। पंखुड़ी पाठक ने ट्वीट किया, ‘जितेन्द्र यादव नाम के एक बेगुनाह को गर्दन में गोली लगी है, ये यूपी पुलिस की नोएडा में असफल मुठभेड़ की कोशिश है, यूपी सरकार इस मुद्दे को मीडिया से दूर रखने की कोशिश कर रही है।

परिवार ने लगाया संगीन आरोप

परिवार का आरोप है कि जीतेंद्र रात को लगभग 10 बजे जब बहरामपुर से बहन की सगाई कर लौट रहे तभी नशे मे धुत दरोगा ने फर्जी मुठभेड़ के तहत गोली मार दी। परिवार ने यह आरोप भी लगाया है कि जितेन्द्र यादव नाम की वजह से ऐसा किया। जितेन्द्र यादव के परिवार वालों का कहना है कि यूपी पुलिस ने एक फेक एनकाउंटर में उसे गोली मारी है। परिवार कहना है कि उसे उसकी जाति की वजह से गोली मारी गई। उनका कहना है कि जीतेंद्र का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं थे। वहीं, मौके पर पहुंचे डीआईजी लव कुमार मामले की निष्पक्ष जांच की बात कह रहे है।

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