छोटी सी उम्र में बड़े कारनामों से दुनिया में रोशन किया भारत का नाम

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लखनऊ। कहते हैं पूत के पांव पलने में ही नजर आने लगते हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं एक पंद्रह साल के लड़के की जिसने बचपन से ही तबला बजाना शुरू कर दिया था और आज देश विदेश के कई शहरों में तबला बजा चुका है।

पंद्रह साल के लड़के

पंद्रह साल के लड़के ने विदेश में भारत का नाम किया रोशन

इसकी मां प्रमिला बताती हैं कि स्वर्णिम किचन में बचपन में आ जाता था और थाली को उल्टा कर के बजाने लगता था तो, मै समझने लगी कि ये रिदम का शैकीन है। जिसके बाद हमने इसकी तबले की तालीम देने की शुरुवात की, वो आगे बताती हैं कि स्वर्णिम ने बचपन में सबसे पहले तबला किडजी स्कूल में बजाया और फिर मुंबई के गंदर्भ महाविद्यालय में से तबले की तालीम लेने की शुरुवात की।  वहीँ दिल्ली के द्वारका जोन में तबला बजने में दूसरा पुरस्कार प्राप्त किया। जहां तीन साल तक शिक्षा लेने के बाद स्वर्णिम रूस के जवाहर लाला नेहरु कल्चरल सेंटर में तबला बजाना सिखा और रूस के कई शहरों मास्को ,एतनोमिर, प्रेबर,कलूगा आदि शहरों में तबले से लोगों को मन्त्रमुग्ध किया।

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