बंगाल पंचायत चुनाव: कलकत्ता हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश में दखल देने से किया इनकार

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कोलकाता| कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार को तगड़ा झटका दिया है। दरअसल, हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव प्रक्रिया पर एक दिन की रोक लगाने के निचली अदालत के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, लेकिन न्यायाधीश से मामले की सुनवाई ‘त्वरित’ तरीके से करने को कहा।

तृणमूल कांग्रेस व राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा रोक के खिलाफ दाखिल अपील को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति बिस्वनाथ समादर व न्यायमूर्ति अरिंदम मुखर्जी की अदालत ने कहा कि इस अवस्था में वह मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते, क्योंकि यह पहले से ही एकल पीठ के समक्ष लंबित है।

दोनों न्यायाधीशों ने मामले को एकल पीठ के न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार को लौटा दिया और मामले की सुनवाई त्वरित आधार पर करने को कहा। मामले की सुनवाई अब एकल न्यायाधीश की पीठ मंगलवार अपराह्न् दो बजे करेगी।

इससे पहले दिन में न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार की निचली अदालत ने रोक की अवधि को बढ़ाकर मंगलवार अपराह्न् दो बजे तक कर दिया। इसमें चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई, क्योंकि मामले पर तृणमूल कांग्रेस व एसईसी की अपील बाद इस पर खंडपीठ की सुनवाई होनी थी।

निचली अदालत ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की याचिका पर चुनाव प्रक्रिया पर 16 अप्रैल तक रोक लगा दी थी और राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को इस तारीख तक चुनाव पर व्यापक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

भाजपा प्रतिनिधि प्रताप बनर्जी ने पार्टी पर ‘गलत साक्ष्य प्रस्तुत’ करने के लिए सोमवार को अदालत द्वारा लगाए गए पांच लाख रुपये के जुर्माने को भर दिया। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय भी पहुंचा था।

न्यायमूर्ति तालुकदार ने तृणमूल कांग्रेस के वकील कल्याण बनर्जी की आपत्ति को दरकिनार करते हुए राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी को भी मामले में एक पक्ष बनने की इजाजत दे दी।

दोनों विपक्षी पार्टियों ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर अपने कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़े स्तर पर चुनाव से पहले हिंसा करने का आरोप लगाते हुए दो अप्रैल से चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद से उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को नामांकन से रोकने की बात कही थी।

बीते सप्ताह चुनाव आयोग द्वारा जारी नामांकन दाखिल करने के एक दिन के विस्तार के अपने आदेश को चंद घंटों में वापस लेने के बाद दोनों पार्टियों ने एसईसी को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की कठपुतली बताया। पंचायत चुनाव एक, तीन व पांच मई को निर्धारित हैं और वोटों की गणना आठ मई को होनी है।

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