मूवी रिव्यू : घिसी पिटी स्टोरी लेकिन स्ट्रॉग मेसेज़ देती है ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’

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फिल्म का नाम :  ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’

निर्देशक : शशांक खेतान

एक्टर्स : वरुण धवन, आलिया भट्ट, आकांक्षा सिंह, गौहर खान, श्वेता वसु प्रसाद और यश सिन्हा

रेटिंग : 2

'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' आज बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हो गई है। 'हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया' के बाद एक बार फिर शशांक और करन ने स्क्रीन पर वरुण धवन और आलिया भट्ट की शादी कराई है।

मुंबई। ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ आज बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हो गई है। ‘हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया’ के बाद एक बार फिर शशांक और करन ने स्क्रीन पर वरुण धवन और आलिया भट्ट की शादी कराई है। क्या बद्री को भी मिलेगा हम्पटी जैसा प्यार या फिर बेरंग हो जाएगी इस बार इनकी होली। आइये फिल्म की समीक्षा करते हैं।

कहानी 

‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ भी ‘हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया’ जैसी ही एक लव स्टोरी फिल्म है। कहानी बद्रीनाथ की है जो यूपी के झांसी में अपनी फैमिली के साथ रहता है। बद्री के बड़े भाई की शादी जबरदस्ती करा दी जाती है, लेकिन बद्री अपने हिसाब की लड़की चाहता है। इस बीच एक दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए वह कोटा जाता है, जहां उसकी नजर वैदेही यानी आलिया भट्ट से टकराती है। बद्री, वैदेही से शादी करना चाहता है, लेकिन वैदेही शादी नहीं करना चाहती हैं। वो अपने करियर पर फोकस करना चाहती हैं। इसी बीच वैदेही की बड़ी बहन की शादी होती है लेकिन शादी वाले दिन ही वो घर से भाग जाती है, जिसके बाद अपने परिवार की इज्जत बचाने के लिए वैदेही को त्याग करना पड़ता है। इसी बीच कहानी में काफी ट्विस्ट और टर्न्स आते हैं। क्या वैदेही की शादी ब्रदी से हो पाती ये जानने के लिए आपको सिनेमाघर तक जाना पड़ेगा।

डायरेक्शन

शशांक खेतान का डायरेक्शन अच्छा है। छोटे शहर की स्टोरी के हिसाब से उन्होंने हर बात का ध्यान रखा है, लेकिन कहानी में कुछ नयापन नहीं है। शशांक ने इसके जरिए गर्ल्स एजुकेशन और जेंडर इक्वलिटी जैसे मुद्दों को उठाने की अच्छी कोशिश की है। फिल्म काफी स्लो है जिसे और क्रिस्पी किया जा सकता था।

एक्टिंग 

वरुण और आलिया की एक्टिंग अच्छी है। यूपी वाले लड़के के ढंग को वरुण ने बखूबी अपनाया, वहीं आलिया भी अपने रोल में फिट बैठीं। फिल्म में बाकी स्टार्स ने भी अच्छा काम किया है।

म्यूजिक

फिल्म का म्यूजिक तो पहले से ही हिट है, ‘तम्म तम्मा’ गाने को लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। लेकिन ‘आशिक सरेंडर हुआ’ गाना बहुत लंबा है जो बोरिंग लगता है।

देखें या नहीं

फिल्म में कुछ नया नहीं है, लेकिन होली के मौसम में अगर आप मूड चेंज करना चाहते हैं तो एक बार देख सकते हैं।

 

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