फिल्म रिव्यू : समाज के मुंह पर जोरदार थप्पड़ है ‘बेगम जान’, खोल देगी आपकी आंखें

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फिल्म का नाम : बेगम जान

स्टार कास्ट : विद्या बालन , इला अरुण, गौहर खान ,पल्लवी शारदा, सुमित निझावन,नसीरुद्दीन शाह,राजेश शर्मा, विवेक मुश्रान, चंकी पांडे

निर्देशक : श्रीजीत मुखर्जी

रेटिंग : 3.5

बेगम जान

बेगम जान फिल्म रिव्यू

कहानी

मुंबई। सच्ची कहानी पर आधारित बेगम जान आज बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हो गई है। यह फिल्म भारत-पाक विभाजन के समय की है, जब भारत से पाकिस्तान को अलग करने के लिए एक रेडक्लिफ लाइन खींची गई थी। इस लाइन के बीच में बेगम जान (विद्या बालन) का वेश्यालय आ रहा था जिसे हटाया जाना था लेकिन बेगम जान और उनके साथ रहने वाले बाकी 12 लोग भी उनके इस फैसले में साथ खड़े थे। उसके बाद कहानी में इसल ट्विस्ट आता है, जब बेगम जान को पर ऊपर से तरह-तरह का दबाव बनाया जाता है वेश्यालय को खाली करने के लिए। बेगम जान और इन 12 लोगों के संघर्ष की कहानी के साथ साथ फिल्म में आज के दौर के बड़े ही अहम मुद्दे की तरफ भी प्रकाश डाला गया है, जो आपको गंभीर से सोचने पर मजबूर कर देगा।

निर्देशन

फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है और साथ ही सिनेमैटोग्राफी, ड्रोन कैमरे से लिए हुए शॉट्स, डायलॉग्स भी कमाल के हैं। गोलीबारी के साथ-साथ आग के सीन भी बहुत कमाल के हैं। कहानी के लिहाज से स्क्रीनप्ले और बेहतर हो सकता था। साथ ही एडिटिंग काफी बिखरी-बिखरी सी लगती है, जिसे और अच्छा किया जा सकता था। फिल्म में बहुत सारे किरदार हैं, जिसकी वजह कुछ अच्छे किरदार और उनकी परफॉर्मेंस की तरफ आप पूरी तरह से ध्यान नहीं दे पाते हैं। उन किरदारों को और निखारा जा सकता था।

एक्टिंग

फिल्म में परफेक्ट कास्टिंग की गई है। बेगम जान के रोल में विद्या बालन बिलकुल फिट बैठी हैं। अमिताभ बच्चन की आवाज सूत्रधार के रूप में आपको सुनाई देगी। फिल्म के बारी स्टार्स ने भी अच्छा काम किया है। नसीरुद्दीन शाह का छोटा, लेकिन अच्छा रोल है।

म्यूजिक

प्रेम में तोहरे…,  बाबुल मोरा नैहर.. नाम का लोकगीत जबरदस्त हैं, कहानी के साथ फिट बैठते हैं और बांधे रखते हैं। लेकिन फिल्म में ऐसे कई गाने हैं जो रफ्तार को कमजोर बनाते हैं।

देखें या नहीं

एक बार पूरे परिवार के साथ आपको ये फिल्म जरूर देखनी चाहिए।

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