महिला ने युवक पर लगाया झूठे बलात्कार का आरोप, साथियों संग हुई गिरफ्तार

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मुजफ्फरनगर। भले ही बलात्कार एक ऐसा अमानवीय अपराध है जिसकी वजह से पीड़ित महिला को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हर तरह के दर्द का सामना करना पड़ता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर जिले से जो घटना सामने आई है उसने इस जघन्य अपराध को भी सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। दरअसल, इस घटना से पता चला कि आज के समय में महिलायें अपने फायदे के लिए लोगों को बलात्कार के झूठे मामलों में भी फंसा रहे हैं।

दरअसल, मुजफ्फरनगर पुलिस ने गुरुवार को झूठे बलात्कार के मामले का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं सहित एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि इस बलात्कार की झूठी साजिश रचने वाला मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। वहीं जिस पर रेप का झूठा आरोप है उसने राहत की सांस ली है।

मिली जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार को छपार थाने में लक्ष्मी नाम की एक महिला ने हरिद्वार में रहने वाले रविंदर कुमार महतो पर बलात्कार का आरोप लगाया था। महिला का आरोप था कि महतो ने नौकरी देने का झांसा देकर उसके साथ रेप किया। हालांकि मामला सुनने के बाद से पुलिस को इसमें कुछ झोलमोल लगा। जिसके बाद पुलिस ने सर्विलांस की सहायता से पूरे मामले पर से पर्दा उठा दिया। पुलिस ने इस मामले में महिला लक्ष्मी ,रजनी और फैजल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी ओमबीर सिंह ने बताया कि 8 मई को छपार थाने में एक महिला ने गैंगरेप का मामला दर्ज कराया था। जिस दिन वो थाने आई थी उससे करीब 26 घंटे पहले उसने खुद के साथ रेप होने की बात बताई थी।

महिला का आरोप था कि किसी व्यक्ति ने छपार थाना क्षेत्र के बाईपास पर उसे बुलाया और नौकरी दिलाने के बहाने उसे गाड़ी में बैठा लिया। जहां उसके साथ गलत हरकत की गई। महिला ने ये भी बताया कि रास्ते में पहले उसके बच्चे को उतारा और बाद में छपार क्षेत्र के सिसौना गांव में उसे उतार दिया।

पुलिस को महिला की कहानी पर संदेह पहले ही हो गया था क्योंकि घटना स्थल से चौकी एक किलोमीटर दूर ही थी। लेकिन महिला वारदात होने के दिन ना आकर अगले दिन बाद आई। ये बात पुलिस के हजम नहीं हुई और उन्होंने मामले की सघनता से जांच शुरू कर दी।

महिला के साथ एफआईआर में कुछ नंबर भी लिखाए गए थे। पुलिसवालों ने जब कुछ फोन नंबर का लोकेशन और टाइमिंग निकलवाई तो महिला के बयान से टैली कराने पर उसमे फर्क आया। जब इन सब चीजों को सघनता से लिया गया तो पूरा का पूरा षड़यंत्र निकलकर सामने आ गया।

जाँच के दौरान पता चला कि मामले में फंसाए गए रविंदर नाम के शख्स द्वारा एक मुकदमा बिजनौर के तथाकथित एक पत्रकार फैजल के खिलाफ दर्ज कराया गया था जो धोखाधड़ी का था। पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन लोगों को जेल भेज दिया है लेकिन मामले का मास्टरमाइंड अभी भी एक फरार है। तफ्तीश में पूरा का पूरा मामला झूठा पाया गया है।

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