…तो इस वजह से GST लागू होने से पहले ऑनलाइन सस्ते मिल रहे थे स्मार्टफोन

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नई दिल्लीडिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी हर संभव कोशिश कर रहे हैं। देश में 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद कुछ वस्तुएं महंगी हो गयी हैं तो कुछ सस्ती। ऐसे में घरेलू स्तर पर मोबाइल फोन के मेनूफेक्चरिंग में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार ने मोबाइल फोन और उसमें काम आने वाले सामान पर तत्काल प्रभाव से 10 प्रतिशत सीमा शुल्क लगा दिया है। GST से लागू होने से पहले भारत के कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना जैसे राज्यों में स्मार्टफोन पर वैट सिर्फ 5 फीसदी लगाया जाता था।

मोबाइल फोन के मेनूफेक्चरिंग

मोबाइल फोन के मेनूफेक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

इसके अलावा सर्विस टैक्स और बाकि के टैक्स अलग होते थे। इस वजह से सभी ऑनलाइन ई-कॉमर्स की वेबसाइट इन्ही राज्यों से बिल बनाती हैं। जिससे आपको ऑनलाइन स्मार्टफोन खरीदने के लिए कम पैसे देने होते थे। वहीं, अगर बाकी के राज्यों की बात करें तो अधिकतर राज्यों में वैट 14 फीसदी लगाई जतरी थी । इसके अलावा सर्विस टैक्स और बाकी के टैक्स अलग देनें होते थे। लेकिन 1 जूलाई से जीएसटी लागू होने के बाद पूरे देश में मोबाइल फोन पर 10 प्रतिशत सीमा शुल्क लागू किया गया है। इसका मतलब यह है कि GST लागू होने के बाद मोबाइल फोन पर भी दूसरे उत्पादों की तरह कोई दूसरा टैक्स नहीं लगाया जाएगा।

मोबाइल एसेसरीज पर मिला छूट रहेगा जारी

सरकार द्वारा इस बारे में जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह 10 प्रतिशत सीमा शुल्क आयातित मोबाइल फोन और चार्जर, ईयरफोन, बैटरी, यूएसबी केबल, कीपैड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर लागू होगा। इसके साथ ही साथ ये भी बताया गया है कि प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली, कैमरा मॉड्यूल, कनेक्टर्स डिस्पले असेंबली, टच पैनल, कवर ग्लास असेंबली, वाइब्रेटर मोटर और रिंगर जैसे मोबाइल हिस्सों को साधारण सीमा शुल्क से जो छूट मिली हुई वह जारी रहेगी। वहीं सीमा शुल्क लगाने के इस फैसले के प्रति सरकार अपनी मंशा को स्पष्ट करते हुए इस कहा है कि इसका उद्देश्य घरेलू स्तर पर मोबाइल फोन के मेनूफेक्चरिंग को बढ़ावा देना है। इसीलिए सरकार ने यह निर्णय लिया है।

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