जानिए क्यों और कैसे मनाई जाती है लोहड़ी, क्या है इसका महत्व ?

0

आज पूरे देश में धूम-धाम से लोहड़ी का त्योहार मनाया जा रहा है। लोहड़ी उत्तर भारत में मनाया जाना वाला प्रसिद्ध त्योहार है। ये त्योहार दिल्ली, हिमाचल, हरियाणा और पंजाब में विशेष रूप से 13 जनवरी को मनाया जाता है। लोहड़ी का त्योहार नए साल की शुरुआत में फसल की कटाई और बुवाई के उपलक्ष में मनाया जाता है। लोहड़ी का त्योहार सर्दियों के जाने और बंसत के आने का संकेत है। 

लोहड़ी का त्योहार

लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से सूर्य देवता और अग्नि को समर्पित है

लोहड़ी के पावन मौके के दिन पवित्र अग्नि में लोग रवि फसलों को अर्पित करते हैं। क्योंकि इस समय रवि फसलें कटकर घर आने लगती हैं। ऐसा करने से माना जाता है कि देवताओं तक ये पहुंचता है। लोहड़ी की पवित्र अग्नि में रेवड़ी, तिल, मूँगफली, गुड़ और गजक भी अर्पित किए जाते हैं। ऐसा करके सूर्य देव और अग्नि के प्रति आभार प्रकट किया जाता हैं ताकि उनकी कृपा से कृषि में उन्नत हो। इसके अलावा लोग इस पवित्र अग्नि के चारों तरफ चक्कर काटकर नाचते और गाते हैं।

लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से सूर्य देवता और अग्नि को समर्पित है। पंजाब में लोहड़ी के त्योहार की एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है। इस त्योहार के पंजाब में किया जाने वाला भागंडा और गिद्दा काफी मशहूर है। लोहड़ी में मिलने वाला प्रसाद तिल, गजक, गुड़, मूंगफली तथा मक्के के दानों का एक-दूसरे को बांटते हैं।

शुभ मुहूर्त

पंडित शक्ति मिश्रा ने बताया कि लोहड़ी की पूजा करने का सही समय शाम को 5:50 बजे से 6:18 बजे तक और रात 8 बजे से 8.30 बजे तक रहेगा । 

Edited by – Ankita Singh

loading...
शेयर करें

आपकी राय