वाराणसी हादसे पर पर भड़की मायावती, सरकार पर लगाये आरोप

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लखनऊ। वाराणसी में हुए दर्दनाक हादसे पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने दुख जताया है। उन्होंने एक बयान जारी कर पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस हादसे से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सरकार कार्रवाई करे। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए।

मायावती

मायावती ने कहा कि ऐसे संगीन मामलों को भी बीजेपी के शीर्ष नेता ‘मन पर बोझ’ बता कर जिम्मेदारी से मुक्ति ले ले रहे हैं, जो सही नहीं है। इसके लिए कड़ी कार्रवाई की जरुरत है। उन्होंने कहा कि हर हादसे के बाद सरकार मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाती लेकिन सरकार का असली काम दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना होता है।  ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो।

आपको बता दें कि कैंट रेलवे स्टेशन के पास एक निर्माणाधीन पुल गिरने गिर गया। पुल के नीचे से गुज़र रही कई गाड़ियां फ़्लाईओवर के पिलर के नीचे दब गईं। अब तक 18 लोगों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं। इस हादसे में मरनेवालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। तीन लोगों को जिंदा निकाला गया। जबकि 30 अन्य घायल हुए हैं।

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी देर रात वाराणासी पहुंचकर हादसे की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किया। योगी से पहले उनके निर्देश पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नौ बजे शहर पहुंच कर दुर्घटनास्थल का जायजा लिया। वहीं फ़्लाईओवर बना रही एजेंसी सेतु निगम के 4 अफ़सरों को सस्पेंड कर दिया गया है

सीएम योगी ने वाराणसी हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख तथा घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य व जिला प्रशासन को हादसा प्रभावितों की हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित की है, जिसमें कृषि उत्पादन आयुक्त आर.पी. सिंह, मुख्य अभियंता (सिंचाई) भूपेंद्र शर्मा एवं जल निगम के प्रबंध निदेशक राजेश मित्तल को नामित किया गया है। ये टीम 48 घंटे में रिपोर्ट सीएम को सौंपेगी।

 

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