विश्व बैंक : GST और नोटबंदी से ऊबरी अर्थव्यवस्था, भारत की विकास दर 7.3 रहने का अनुमान

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नई दिल्ली। विश्व बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की विकास दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। विश्व बैंक ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था नोटबंदी और जीएसटी के प्रभावों से निकल चुकी है। 2019 और 2020 तक ये बढ़कर  7.5 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा।

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विश्व बैंक की 16 अप्रैल को जारी साल में दो बार आने वाली दक्षिण एशिया आर्थिक केंद्र रिपोर्ट में कहा, ‘‘2018 में वृद्धि दर के 2017 के 6.7 प्रतिशत से बढ़कर 7.3 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान है।’’

विश्व बैंक ने माना कि जीएसटी लागू होने से भारत में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई थी और इसका नकारात्मक असर पड़ा था। लेकिन अर्थव्यवस्था अब इससे उबर चुकी है और यह वित्तवर्ष 2019 में विकास दर को 7.5 फीसदी तक पहुंचाने में सहायक होगी। साथ ही सुझाव दिया है कि नई दिल्ली को निवेश और निर्यात बढ़ाना चाहिए ताकि ग्लोबाल ग्रोथ का फायदा उठाया जा सके।

रिपोर्ट में कहा है, “हर महीने वर्किंग एज 1.3 मिलियन लोगों की दर से बढ़ जाती है और भारत को अपनी रोजगार दर बरकरार रखने के लिए 8.1 मिलियन नौकरियां प्रति साल सृजित करनी होगी। जो कि वर्ष 2005 से 2015 तक लगातार गिर रही है। इसका मुख्य कारण महिलाओं की ओर से जॉब मार्केट छोड़ना है।”

विश्व बैंक ने कहा, भारत को अपनी रोजगार दर बरकरार रखने के लिए सालाना 81 लाख रोजगार पैदा करने की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार हर महीने 13 लाख नए लोग कामकाज करने की उम्र में प्रवेश कर जाते हैं।

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