पैसे औऱ मोबाइल का लालच देकर डॉक्टरों ने युवक की कर दी नसबंदी

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जयपुर। राजस्थान में चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों ने जनसंख्या नियंत्रण का टारगेट पूरा करने के चक्कर में एक बहुत ही अजब गजब कारनामा कर दिखाया है। यह घटना बांरा जिले की है जहां चिकत्सकों ने मोबाइल फोन और पैसे देने का लालच देकर एक युवक की नसबंदी कर दी। इस मामले की जानकारी जब बाहर लोगों को पता चली तो चिकित्सा विभाग में हड़कम्प मच गया है।

इस घटना में स्वयंसेवी संगठनों ने बांरा के मुख्य जिला एवं चिकित्सा अधिकारी के साथ ही नसबंदी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट में जाने की बात कही है। पीड़ित युवक का नाम अशफाक मोहम्मद (23) है। परिवार नियोजन कैम्प में अशफाक की नसबंदी कर दी गई। यह कैम्प अंता के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लगाया गया था।

इस मामले में जानकारी देते हुए अशफाक ने बताया कि एक नर्स सहित तीन अन्य लोग उसे मोबाइल फोन और 6 हजार रूपए नकद दिलाने के बहाने अंता ले गए। उसे कहा गया कि बस एक छोटा सा आॅपरेशन होगा और फिर सरकार की ओर से नकदी एवं मोबाइल फोन मिल जाएगा। पढ़ा-लिखा नहीं होने के कारण उसने चिकित्साकर्मियों द्वारा बताए गए कागजों पर अंगूठा भी लगा दिया।

कुछ घंटो के बाद युवक को 3 हजार की चेक देकर घर जानें के लिए कह दिया गया। मोबाइल के लिए उसे घर पर पहुंचने का आश्वासन दे दिया गया। घर पहुंच कर अशफाक ने पूरी जानकारी परिजनों को दी तो उसके बड़े भाई निजाम ने कैम्प के बारे में पता किया। निजाम कैम्प स्थल पर पहुंचा तो वहां पता चला कि उसके छोटे भाई अशफाक की तो नशबंदी कर दी गई।

अशफाक के परिजनों का आरोप है कि धोखे में रखकर नसंबदी कर दी गई। जानकारी के अनुसार बांरा जिले के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जनवरी से अप्रैल तक 20 लोगों की नसबंदी करने का टारगेट मिला था,टारगेट पूरा नहीं होता देख उन्होंने अविवाहित युवक की नसबंदी कर दी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने पूरे मामले की रिपोर्ट मंगवाई है।

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