बसंत पंचमी पर संगम में स्नान के लिए उमड़ी लाखों की भीड़

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इलाहाबाद। संगम नगरी इलाहाबाद में आज बसंत पंचमी के अवसर श्रद्धालुओं भीड़ उमड़ पड़ी है। आज इस पावन अवसर पर लाखों लोगों ने संगम में डुबकी लगाई। स्नान के साथ लोगों पूजा-पाठ भी किया। यहां श्रद्धालुओं ने सूर्य नमन भी किया।

इलाहबाद में माघ मेले का आयोजन किया गया है जो पूरे एक महीने तक चलता है। बसंत पंचमी का स्नान चौथा बड़ा स्नान माना जात है। आज के दिन सुबह से ही से ही श्रद्धालुओं के संगम में आने का क्रम जारी है।उल्लेखनीय है कि बसंत पंचमी को विद्या की देवी मां सरस्वती की जयन्ती के रुप में भी मनाया जाता है, लिहाजा आज के दिन गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पवन त्रिवेणी में स्नान और दान का है विशेष महत्व है।

घरों व स्कूलों मे भी पंचमी के इस त्यौहार पर विशेष पूजन का दौर चल रहा है। मां सरस्वती की कृपा हासिल करने के लिए छात्र इस दिन विद्दा की देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना करते हैं। पुराणों के अनुसार मां सरस्वती का प्राकट्य बसंत पंचमी के दिन हुआ था। इस दिन विद्या और कला जननी मानी जाने वाली मां सरस्वती की लोग पूजा अर्चना करते हैं। इसके अलावा भारत के अलग-अलग जगहों पर मां सरस्वती की पूजा, वंदना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

कहा जाता है कि लोगों को मां सरस्वती विद्या और कला में निपुण बनाती हैं। इसके अलावा यह दिन भारत के छह मौसमों में से एक ‘बसंत ऋतु’ के आगमन की खुशी में भी मनाया जाता है। आज ख़ास दिन के स्नान के लिए प्रशासन ने भी दुरुस्त व्यवस्था की है। आज करीब 50 लाख लोगों के संगम में स्नान करने की उम्मीद है।

पूजा मुहूर्त

बसंत पंचमी पूजा मुहूर्त सुबह 07:17 से शुरू है, इसकी अवधि 5 घंटे 15 मिनट तक रहेगी। पंचमी तिथि की शुरुआत 21 जनवरी 2018 रविवार को 15:33 बजे से है और इसकी समाप्ति 22 जनवरी 2018 सोमवार को 16:24 बजे तक है।

पूजा की विधि

बसंत पंचमी के मौके पर लोग पीले रंग के कपड़े पहनते हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक, पंचमी तिथि सूर्योदय और दोपहर के बीच रहती है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती पूजा करते समय सरस्वती चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन गृह प्रवेश, वाहन खरीदना,नींव पूजन, नया व्यापार प्रारंभ जैसे मांगलिक कामों की शुरुआत करने पर शुभ फल मिलता है।

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