अदूर गोपालकृष्णन ने सेल्फी लेने के जुनून को बताया बहुत बड़ी मुसीबत

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नई दिल्ली: दुनिया भर में सेल्फी लेने का चलन बहुत फेमस है। कई ऐसी ऐसी अद्भुत सेल्फियाँ भी सामने आईं हैं जिनकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। जहाँ सेल्फी लेना ख़ुशी का एक करण है वहीँ कुछ लोग इसे मुसीबत भी मानते हैं।  करीब पांच दशक के अपने करियर में अब तक 16 राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके दिग्गज फिल्मकार अदूर गोपालकृष्णन सेल्फी लेने के जुनून को बहुत बड़ी मुसीबत मानते हैं।

अदूर बुधवार को फिल्मकार अमोल पालेकर के साथ सत्यजीत पर एक प्रदर्शनी व सम्मेलन ‘रीविजटिंग रे’ पर चर्चा के सिलसिले में नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय में मौजूद थे।  कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए अदूर ने शिष्टाचार की कमी की ओर इशारा किया।

उन्होंने कहा, “मैं शायद सोशल मीडिया से अपरिचित हो सकता हूं, लेकिन एक चीज जिसे मैं बड़ी मुसीबत मानता हूं वह ‘सेल्फी’ है। यह निराशाजनक है। एक बार मुझसे किसी ने सेल्फी के लिए पूछा तो मैं खड़ा हो गया, लेकिन फिर उसने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया, जिसके बाद मैंने उसका हाथ हटाया और उसे डांट लगाई..मैंने कहा, ‘तुम इस तरह का व्यवहार कैसे कर सकते हो? क्या तुम मेरी उम्र के हो? हम तो दोस्त भी नहीं हैं।”‘

फिल्मकार ने एक और उदाहरण देते हुए लोगों की अज्ञानता को उजागर किया। उन्होंने बताया कि सीरीफोर्ट ऑडिटोरियम में एक फिल्म महोत्सव के दौरान मीडिया का समूह बाइट के लिए इंतजार कर रहा था, उस समय वह बाइट के बारे में नहीं जानते थे। वह महोत्सव में से निकल गए, तो उन्होंने देखा कि एक लड़की उनका बाइट लेना चाह रही थी। उन्होंने उसे निराश नहीं किया और उसके सवालों का जवाब दे दिया, लेकिन आखिर में उस लड़की ने जब उनसे उनका नाम पूछा तो वह हैरान रह गए। अदूर ने कहा कि यह नई मीडिया है। ये मीडियाकर्मी अपने दिमाग का इस्तेमाल नहीं करते।

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