पुलिस हिरासत से छूटे अखिलेश यादव, बीजेपी पर किये हमले

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कानपुर। औरया जाने के निकले पूर्व सीएम अखिलेश यादव को गुरुवार को उन्नाव-एक्सप्रेस वे पर हिरासत में ले‌ लिया गया। अखिलेश यादव के साथ करीब दर्जन भर एमएलसी को भी हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें हसनगंज में गेस्ट हाउस में अस्थाई जेल ले गईयहां तकरीबन एक घंटा हिरासत में रखने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। छूटते ही अखिलेश ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला।

आखिलेश यादव ने कहा.. 

अखिलेश ने कहा कि जहां से हम सीएम थे, वहां कभी एक बच्चे की मौत नहीं हुई। इतना ही नहीं किसानों को लेकर भी अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ भेद भाव किया जा रहा है। लघु, सीमांत की श्रेणी में बांट दिया गया है। ऋण माफी में बीजेपी सरकार ने कई पेंच फंसा दिए।

अखिलेश ने सरकर पर लगाये इल्जाम 

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार सत्ता के बल पर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव जीतना चाहती है इसलिए मुझे आगरा एक्सप्रेस वे से हिरासत में लिया गया। सरकार चुनाव होने ही नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को झूठा फंसाया जा रहा है उन्होंने कोई तोड़फोड़ नही की। अखिलेश ने आगे कहा कि मौजूदा सरकार सिर्फ गाय की राजनीति कर रही है। सरकार की तानाशाही ज्यादा दिन नहीं चलने देंगे।

क्या था मामला.. 

आपको बता दें कि औरया बवाल के बाद गिरफ्तार हुए प्रदीप यादव से मिलने जा रहे थे। तभी उन्हें हिरासत में ले लिया गया। सीएम अखिलेश के साथ जिन एमएलसी को हिरासत में लिया गया है उनमे संतोष यादव, राजेश यादव और आनंद भदौरिया शामिल है।

अखिलेश को हिरासत में लिए जाने के बाद समाजवादी कार्यकताओं ने हाईवे पर हंगामा शुरू कर दिया। अखिलेश यादव आज सैकड़ों गाडिय़ों के काफिले और कार्यकर्ताओं के साथ आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें जाने से रोका लेकिन चेतावनी के बाद भी सपाइयों पर असर नहीं हुआ तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर सपाइयों को खदेडऩे के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपने घेरे में ले लिया। नेताओं की तनातनी के बीच पुलिस ने गिरफ्तारी का ऐलान करके नेताओं को घेर लिया।

उसके बाद उन्हें कुंवर वीरेंद्र सिंह कृषि विज्ञान धौरा, हसनगंज के गेस्ट हाउस में ले गई। वहां पूर्व मुख्यमंत्री के साथ बाकी सपा नेताओं के रखने के लिए अस्थाई जेल बनाई गई है। आपको बता दें कि औरैया में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के नामांकन के दौरान कल पुलिस व समाजवादी पार्टी के समर्थको के बीच काफी झड़प हुई। इटावा से जिला पंचायत अध्यक्ष व मुलायम सिंह के भतीजे अंशुल यादव ने पुलिस पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। नामांकन के दौरान पुलिस और सपा समर्थको के बीच तीखी झड़प हुई थी।

पुलिस को उस दौरान आसूं गैस के गोले भी दागने पड़े। ककोर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए  भाजपा से दीपू सिंह और समाजवादी पार्टी से सुधीर यादव उर्फ कल्लू सिंह का नामांकन होना था। इस दौरान नेताओं पर पुलिस ने लाठियां चार्ज की जिसमे कई सपा नेता घायल हुए हैं। पुलिस ने प्रदीप यादव और सांसद डिम्पल यादव के प्रतिनिधि समेत कई नेताओं के साथ मारपीट कर उन्हें हिरासत में ले लिया था।

अखिलेश आज अपने इन्ही नेताओं से मिलने औरया जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने हालात को देखते हुए अखिलेश को रस्ते में ही रोक लिया। औरैया में जिला जजी के सामने सपा के पूर्व सांसद प्रदीप यादव की पेशी हो गई। इसके बाद में ही अखिलेश को छोड़ा गया है।

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