अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक करोड़ फैसले होंगे ऑनलाइन, ये है वजह

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लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट और उसकी लखनऊ खंडपीठ मुकदमों के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी कोर्ट है। अब यह कोर्ट एक नया काम करने जा रही है। कोर्ट अपने स्थापना से लेकर अब तक किये एक करोड़ फैसलों को ऑनलाइन अपलोड करेगा। कोर्ट की स्थापना 1860 में हुआ था।
मिली जानकारी एक मुताबिक, अगले आठ महीनों में सरे फैसले वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जायेंगे। इसी कड़ी में अब तक करीब 50 करोड़ फैसलों को स्कैन किया जा चुका है। इन फैसलों को वेरीफाई और डिजिटली साइन करने के बाद हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

यह फैसला फायदा वादकारियों, वकीलों, अध्ययनकर्ताओं और आम नागरिकों के फायदे के लिए लिया गया है। हाईकोर्ट के जस्टिस दिलीप गुप्ता, जस्टिस विवेक चौधरी, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस देवेन्द्र कुमार अरोरा और जस्टिस अंजनी कुमार मिश्रा ने गुरुवार को लखनऊ में न्यायिक प्रशिक्षण एवं शोध संसथान में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।

वहीं न्यायपालिका की कंप्यूटर कमेटी की पहली नेशनल कॉन्फ्रेंस जेटीआरआई में शनिवार को शुरू होगी। इसमें सुप्रीम कोर्ट और देश के 24 हाईकोर्ट की कंप्यूटर कमेटियों से जुड़े जज व न्यायिक अधिकारी शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1960 से लेकर अब तक इलाहाबाद हाईकोर्ट एक करोड़ से अधिक निर्णय कर चुका है।

इन फैसलों की फाइलों से अभिलेखागार भरे हुए हैं। जस्टिस गुप्ता ने बताया कि अभिलेखागार से किसी फैसले की कॉपी को मंगाना काफी मुश्किल हो गया था। जगह इतनी कम बची थी कि स्टाफ इन फाइलों के ऊपर से चलकर जाता था। जिसकी वजह से इन फाइलों को कभी न कभी नष्ट होना ही था। इसलिए इन्हें बचाने के लिए इनका डिजिटलाइजेशन ही एकमात्र रास्ता था।

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