कश्मीर में चोटी कटवा पर बोले आर्मी चीफ, ये कोई चैलेंज या चुनौती नहीं

0

जम्मू। धरती का स्वार्ग कहे जाने वाले जम्मू और कश्मीबर में आजकल एक नया विवाद चल रहा है। इस समय चोटीकांड को लेकर सभी लोग दहशत में हैं। इस कांड की वजह से पूरे राज्य में हिंसा जोरों पर है। वहीं इस मुद्दे पर आर्मी चीफ बिपिन रावत ने भी बयान दिया है।

http://puridunia.com/army-chief-targe…t-on-choti-katwa/288449/आर्मी चीफ बिपिन रावत ने इसको बताई वजह

थलसेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि इससे पहले कई राज्योंह से इस तरह की खबरें सुनाई पड़ी थीं। लेकिन जिस तरह से इस राज्या में विवाद हो रहा है वह चिंता की बात है। सेना प्रमुख ने कहा कि चोटी काटने की घटना देश भर में हुई है और ये कश्मीर में सेना के लिए चुनौती नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था का मामला है.

बिपिन रावतचुनौती नहीं है ये

चोटीकांड की घटना के खिलाफ कश्मीर में हुई तीव्र प्रतिक्रिया पर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि ये कोई चैलेंज या चुनौती नहीं है, बाकी देश के हिस्सों में ये हो रहा है इसे हम चुनौती के तौर पर नहीं देखते। ये एक आम कार्रवाई है। ये कश्मीर में कानून व्यस्था का मामला है। इसे कश्मीर पुलिस और प्रशासन देख रहा है। चोटी कांड के विरोध मे आज अलगाववादियों ने घाटी में बंद बुलाया है और अलगाववादी माहौल को खराब करके इसका फायदा उठाना चाहते हैं।

सैन्यकर्मियोंअफवाह को बनाया जा रहा हथियार

आतंकियों के खिलाफ भारतीय सुरक्षाबलों की कार्रवाई से जम्मू कश्मीर में अलगाववादी इतने बौखला गए हैं कि अब अफवाह को आतंक का हथियार बना रहे हैं। ये अलगाववादी जम्मू कश्मीर में चोटी कटने की अफवाह फैलाकर दहशत पैदा करने की लगातार कोशिश हो रहे हैं।

धारा 144 लगाई गई

चोटीकांड को लेकर कश्मीर में हालात इतने खराब हो गए हैं कि चोटी काटने के आरोप में कश्मीर में जलती चिता में जिंदा इंसान को फेंका गया, फिर डल झील में एक युवक को डुबा कर मारने की कोशिश की गई। हालात इतने खराब हैं कि श्रीनगर के नौहट्टा, खनयार, रैनावारी और मैसुमा समते 7 इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है और कश्मीर यूनिवर्सिटी में होने वाली परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है।

loading...
शेयर करें

आपकी राय