ओवैसी को सेना का करारा जवाब, ‘हम शहादत को मजहबी रंग से नहीं जोड़ते’

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में जवानों की शहादत पर शुरू हुई सियासत का सेना ने बुधवार को करारा जवाब दिया। सेना ने कहा कि हमें शहीदों का संप्रदायीकरण नहीं करना चाहिए और जो लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं, वे सेना को अच्छी तरह से नहीं जानते। सेना ने यह भी कहा कि देश के खिलाफ बंदूक उठाने वाले सिर्फ आतंकवादी हैं और सेना उनसे निपट लेगी। सेना का यह बयान ऑल इंडिया मुस्लिम इत्तेहादुल-ए-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवेसी के इस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा कि घाटी में मारे गए 7 लोगों में से 5 मुस्लिम हैं।

ओवैसी ने एक मंगलवार को कहा था कि सुंजवान में जो सात लोग मारे गए है उसमे से पांच कश्मीरी मुसलमान थे। ओवैसी ने कहा कि जो मुसलमानों को पाकिस्तानी समझते है, उन्हें सबक लेना चाहिए। इस दौरान ओवैसी ने पीडीपी-बीजेपी गठबंधन पर निशाना साधा था। ओवैसी ने कहा था कि दोनों मिलकर ड्रामा कर रहे है और बैठकर सिर्फ मलाई खा रहे है।

सियासत करने वाले सेना को नहीं जानते
इस पर आज सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू ने ओवैसी का नाम लिए बगैर कहा कि हम शहादत को सांप्रदायिक रंग नहीं देते। जो लोग इस तरह के बयान दे रहे हैं, वो सेना को अच्‍छे से नहीं जानते। लेफ्टिनेंट जनरल देवराज ने यह भी कहा कि दुश्‍मनों के हौसले पस्‍त हैं। जब वे सीमा पर नाकाम होते हैं तो कैंप पर हमले करते हैं।

आतंकवाद की सबसे बड़ी जिम्मेदार सोशल मीडिया
लेफ्टिनेंट जनरल देवराज ने शहादत पर सियासत करने वालों को जवाब देने के साथ ही बढ़ते आतंकवाद के लिए सोशल मीडिया को भी जिम्‍मेदार ठहराया। उन्‍होंने कहा कि बढ़ते आतंकवाद के लिए सोशल मीडिया भी जिम्‍मेदार है। यह बड़े पैमाने पर युवाओं को आकर्षित कर रहा है और हमें इस मुद्दे पर ध्‍यान देने की जरूरत है।

सख्ती से निपटेंगे आतंकियों से
लेफ्ट‍िनेंट जनरल अन्‍बू ने कहा, दुश्‍मन निराश है और सॉफ्ट टारगेट करने की कोशिश कर रहा है। जब वे बॉर्डर पार करने में फेल हो जाते हैं तो आर्मी के कैम्‍पों पर हमला करते हैं। उन्‍होंने कहा जवानों का आतंक से जुड़ना बड़ी चिंता है। देवराज ने कहा कि कोई भी जो देश के खिलाफ हथियार उठाएगा,
वह आतंकी है और हम उससे सख्ती से निपटेंगे।

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