जैसे ही मेरी मां लखनऊ गईं, बिस्तर में घुस आए पापा, शुरु कर दी हैवानियत

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नई दिल्ली। इस समय पूरे विश्व की महिलाएं #MeToo  कैंपेन के तहत यौन शोषण के खिलाफ़ एक के बाद एक सेलिब्रिटीज़ अपनी जिंदगी के वो दर्दनाक इंसिडेंट्स शेयर कर रही हैं। मुनमुन दत्ता, दिया मिर्ज़ा, विद्या बालन के बाद अब और भी महिलाएं इस कैंपेन का हिस्सा बन अपने साथ हुई हैवानियत के बारे में पूरी दुनिया को बता रही हैं।

हाल ही में इस कैंपेन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी ही तेज़ी से वायरल हो रहा है जिसमें उत्तर प्रदेश में रहने वाली लड़की आफ़रीन खान ने अपने साथ हुए यौन शोषण को एक कविता के द्वारा अपनी सारी तकलीफ बयां की है। आफरीन ने कविता में बताया है, मां के लखनऊ जाते ही किस तरह वो अपने ही पिता की हैवानियत का शिकार हुई। वीडियो में आफरीन अपने असल पिता से नाराज़गी, सौतेले पिता की दरिंदगी और अपने नसीब को कोसते हुए नज़र आ रही हैं।#MeToo: 'मां लखनऊ गई थी, पिता बिस्तर में घुस गए'

बता दें कि आफरीन ने दिल्ली के हॉज खास विलेज मे आयोजित एक इवेंट में अपनी ये दर्दनाक कविता सुनाई थी। जिसे Tape A Tale की ओर से यूट्यूब पर अपलोड किया गया है और ये वीडियो काफी अदिक देखा जा रहा है। अपनी कविता के माध्यम से आफरीन बताती है कि उसके पिता से कैसे रिश्ते थे। उनके पिता के उसकी मां के साथ नाजायस रिश्ते थे और आफरीन उनकी नाजायस औलाद थी। एक बार उन्होंने तलाक, तलाक, तलाक बोलकर रिश्ता खत्म कर लिया था। इन सबके बाद भी उनके अब्बा उनके लिए हीरो से कम नही थे।

#MeToo: 'मां लखनऊ गई थी, पिता बिस्तर में घुस गए'

पिता आफरीन को अंग्रेजी बोलने पर अक्सर चिढ़ाते थे और मां से कहते थे कि इसका नाम आफरीन गलत रख दिया गया है, इसका नाम आल्या होना चाहिए। पिता के तलाक देने के बाद मां ने किसी और से शादी कर ली। नए पिता आफरीन और उनकी मां का काफी अच्छी तरह से ख्याल रखते थे। मां भी उनके साथ काफी खुश रहती थीं।

साभार- YouTube

फिर आफरीन ने उस रात के बारे में बताया जब उनकी मां लखनऊ गई थीं। आफरीन मच्छरदानी लगाकर अपने कमरे में सो रही थी तभी उसके सौतेले पिता ने उसे अपनी हैवानियत का शिकार बनाया और उसकी मासूमियत को रौंदते हुए उसे अपनी हबस का शिकार बनाने की कोशिश की। ‘मै चिल्लाई, पापा लेकिन मेरे दिमाग ने मुझे चाटा मारा, मेरे मुंह से निकली आवाज़ मां, फिर मै चिल्लाई पापा, और फिर दिमाग ने मुझे चाटा मारा और फिर मेरे मुंह से निकला मां।

मै चिल्लाती रही कि दर्द हो रहा है मुझे लेकिन उस हैवान को मुझ पर बिल्कुल तरस नहीं आया, फिर मै उसे धक्का देकर दूसरे कमरे में भागी और वहां मैने खुद को बंद कर लिया। मै 2 दिन तक वहीं पड़ी रही लेकिन मुझे बचाने मेरे हीरो यानि की उसके पापा नहीं आए और फिर मेरे मन में पैदा हुई उनके लिए नफरत जो आज भी मेरे सीने में पनप रही है।

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