नक्शे से गायब होकर भी पूरी दुनिया पर छाई ‘मदारीपुर जंक्शन’

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लखनऊ। साहित्य जगत के जाने-माने लेखक और उ.प्र. सरकार में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पद पर सेवारत बालेन्दु द्विवेदी कल हमारे वेब पोर्टल www.puridunia.com के ऑफिस आए और हमारे साथ खास बातचीत की। साथ ही उन्होंने अपनी किताब ‘मदारीपुर जंक्शन’ के बारे में भी बताया।

हमसे बातचीत के दौरान बालेन्दु द्विवेदी जी ने अपनी किताब ‘मदारीपुर जंक्शन’ के बारे में विस्तार में बताया। मदारीपुर गाँव उत्तर प्रदेश के नक्शे में ढूँढें तो यह शायद आपको कहीं नहीं मिलेगा, लेकिन निश्चित रूप से यह गोरखपुर जिले के ब्रह्मपुर नाम के गाँव के आस-पास के हजारों-लाखों गाँवों से ली गई विश्वसनीय छवियों से बना एक बड़ा गाँव है जो भूगोल से गायब होकर उपन्यास में समा गया है।

‘मदारीपुर जंक्शन’ की भूमिका साहित्य जगत के भगवान कहे जाने वाले अशोक चक्रधर ने लिखी है। उन्होंने इस किताब को एक रात में पढ़ा और पढ़ने के बाद इसे ‘अत्यंत पठनीय उपन्यास’ बताया।

‘मदारीपुर जंक्शन’ के अलावा बालेन्दु द्विवेदी ने अपने संघर्ष और गांव के प्रति अपने लगाव के बारे में भी बताया। साथ ही उन्होंने अपने अगले उपन्यास ‘वाया फुरसतगंज’ के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने आने वाली जनरेशन जिनको लिखने में रुची है उन्हें दिल से लिखने की हिदायत दी।

बालेन्दु द्विवेदी जी को ‘मदारीपुर जंक्शन’ के लिए पूरी दुनिया की टीम की ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं। बालेन्दु द्विवेदी से हमारी और ढेर सारी बातें हुईं जो आप इस वीडियो में देख सकते हैं।

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