रोहिंग्या शरणार्थियों का टीकाकरण कर रही बांग्लादेश सरकार

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संयुक्त राष्ट्र: अभी कुछ दिनों पहले रोहिंग्या शरणार्थियों की नसबंदी करने की बात सामने आई थी, अब शरणार्थियों का टीकाकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। जी हां, बांग्लादेश सरकार  संयुक्त राष्ट्र की मदद से देश में अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले शिविरों और पनाहगारों में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों का टीकाकरण करने के प्रयास कर रही हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता के हवाले से बताया, खसरा से विशेष तौर पर टीकारहित और कुपोषित बच्चे ग्रस्त होते हैं। म्यांमार के रखाइन से अपना घर-बार छोड़कर भाग चुके शरणार्थियों के लिए खसरा बहुत बड़ा खतरा है।

मानवीय मामलों के समन्वयक कार्यालय (ओसीएचओ) ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थी लगातार बांग्लादेश आ रहे हैं, हालांकि यह दर बीते सप्ताहों के मुकाबले धीमी है।

बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में 25 अगस्त के बाद से बीते बुधवार तक 613,000 शरणार्थियों ने डेरा डाल दिया है।

गौरतलब है कि 25 अगस्त को ही रोहिंग्या विद्रोहियों ने म्यांमार पुलिस और सुरक्षाचौकियों पर हमला कर दिया था, जिसके बाद से यह गतिरोध शुरू हुआ।

ओसीएचए के मुताबिक, हाल ही में बांग्लादेश आने वाले शरणार्थियों में से आधे से अधिक कटुपालोंग-बालुखली स्थान पर रह रहे हैं।

गौरतलब है कि शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रोहिंग्या शरणार्थियों को सम्मानित रूप से उनके घर (म्यांमार) भेजने की मांग की थी।

संयुक्त राष्ट्र: अभी कुछ दिनों पहले रोहिंग्या शरणार्थियों की नसबंदी करने की बात सकने आई थी, वहीं अब शरणार्थियों का टीकाकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। जी हां, बांग्लादेश सरकार  संयुक्त राष्ट्र की मदद से देश में अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले शिविरों और पनाहगारों में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों का टीकाकरण करने के प्रयास कर रही हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता के हवाले से बताया, खसरा से विशेष तौर पर टीकारहित और कुपोषित बच्चे ग्रस्त होते हैं। म्यांमार के रखाइन से अपना घर-बार छोड़कर भाग चुके शरणार्थियों के लिए खसरा बहुत बड़ा खतरा है।

मानवीय मामलों के समन्वयक कार्यालय (ओसीएचओ) ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थी लगातार बांग्लादेश आ रहे हैं, हालांकि यह दर बीते सप्ताहों के मुकाबले धीमी है।

बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में 25 अगस्त के बाद से बीते बुधवार तक 613,000 शरणार्थियों ने डेरा डाल दिया है।

गौरतलब है कि 25 अगस्त को ही रोहिंग्या विद्रोहियों ने म्यांमार पुलिस और सुरक्षाचौकियों पर हमला कर दिया था, जिसके बाद से यह गतिरोध शुरू हुआ।

ओसीएचए के मुताबिक, हाल ही में बांग्लादेश आने वाले शरणार्थियों में से आधे से अधिक कटुपालोंग-बालुखली स्थान पर रह रहे हैं।

गौरतलब है कि शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रोहिंग्या शरणार्थियों को सम्मानित रूप से उनके घर (म्यांमार) भेजने की मांग की थी।

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