लालू से पहले जेल में उनकी सेवा के लिए पहुंचे दो सेवक, झूठा केस दर्ज कर हुई एंट्री

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नई दिल्ली। चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव को कोर्ट ने साढ़े तीन की जेल की सजा सुनाई है। ऐसे में लालू की देख-रेख के लिए दो सेवक फर्जी मारपीट करके जेल पहुंच गए हैं।सजा के साथ-साथ सीबीआई जज शिवपाल सिंह ने लालू पर 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

6 जनवरी को जैसे ही रांची में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव को देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मुकदमे में सजा का ऐलान किया तो लालू के जेल पहुंचने से पहले ही उनके दो सेवक लक्ष्मण कुमार और मदन यादव जेल पहुंच चुके थे। लालू के इन दो सेवकों ने लालू को मिलने वाली सजा से 2 घंटे पहले खुद पर केस दर्ज करवाकर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

मदन रांची के निवासी हैं और डेयरी का कम करते हैं। पिछली बार भी रांची जेल में जब लालू यादव बंद थे तब वो ऐसे ही किसी मामले में जेल पहुंच गए थे। वहीं लक्ष्मण लालू के ख़ास सेवक हैं जो उनके खाने से लेकर दवा तक का पूरा ध्यान रखते हैं।

काम के तौर पर जेल में लालू को माली का काम मिला है, यानी कि लालू अब जेल में फूल पौधों का ध्यान रखने के साथ-साथ घास भी काटेंगे। लालू को माली का काम करने के एवज में 93 रुपये रोज मेहनताना दिया जाएगा।

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