चुनाव से पहले बाबाओं की शरण में बीजेपी, 5 संतों को बनाया राज्यमंत्री

0

भोपाल। आगामी 2019 लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी बाबाओं की शरण में पहुंच गई है। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने धार्मिक पैंतरा अपनाते हुए 5 संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया है। इनमे नर्मदानंद, हरिहरानंद, कम्प्यूटर बाबा, भय्यू महाराज व योगेंद्र महंत के नाम शामिल हैं। बीजेपी के इस फैसले पर चुटकी लेते हुए कांग्रेस ने कहा है कि ऐसा कर शिवराज सरकार अपने पापों को धोने का प्रयास कर रही है।

राज्य सरकार ने जारी किये ये आदेश
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार 31 मार्च को प्रदेश के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों में विशेषता नर्मदा किनारे के क्षेत्रों में वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा स्वच्छता के विषयों पर जन जागरूकता का अभियान निरंतर चलाने के लिए विशेष समिति गठित की गई है। राज्य सरकार ने इस समिति के पांच विशेष सदस्यों को राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा।

कम्प्यूटर बाबा ने एक अप्रैल से 15 मई तक नर्मदा घोटाला रथ यात्रा निकालने की घोषणा की थी। इस यात्रा के संयोजक योगेंद्र महंत थे। माना जा रहा है कि साधु-संतों के लामबंद होने की वजह से शिवराज सरकार बैकफुट पर थी। इसी के बाद सरकार ने आनन-फानन में पांच विशिष्ट संतों को राज्यमंत्री का दर्जा देने का फैसला लिया है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार पंडित योगेंद्र महंत ने मामले पर बोलते हुए कहा कि हमें राज्यमंत्री के पद के साथ सभी तरह की सुविधाएं भी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों के लिए काम कर रही है। पर्यावरण के लिए, नदियों के संरक्षण के लिए और नदी किनारे वृक्षारोपण के लिए सरकार जनता को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में संतों को नियुक्त किया गया है।

loading...
शेयर करें