भोपाल गैंगरेप: दो महिला डॉक्टरों की बड़ी चूक, बालीं पीडि़ता ने मर्जी से बनाए थे संबंध

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भोपाल। भोपाल गैंगरेप मामले में महिला डॉक्‍टरों ने रिपोर्ट पेश की थी। इस वजह से उनको कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पीडि़ता ने अपनी मर्जी से संबंध बनाए थे। रिपोर्ट के बाद से विवाद ने तूल पकड़ लिया है।

31 अक्‍टूबर की यह घटना

भोपाल में रेल पटरियों के निकट 31 अक्तूबर की रात को चार लोगों ने लगभग तीन घंटे तक युवती के साथ कथित रूप से बलात्कार किया था। युवती कोचिंग क्लास के बाद घर लौट रही थी। भोपाल रेलवे डिविजन, पुलिस अधीक्षक रूचि वर्धन मिश्रा ने कहा कि डॉक्टरों ने अपनी परीक्षण रिपोर्ट में लिखा कि पीड़ित की सहमति और इच्छा से शारीरिक संबंध बनाये गये।

पीडि़ता को बताया गया अभियुक्‍त

रिपोर्ट में एक स्थान पर ‘पीड़िता’ को ‘अभियुक्त’ उल्लेखित किया गया है। उन्होंने कहा कि जब हमने स्पष्टीकरण मांगा तो संबंधित डाक्टरों ने (लिखित) स्पष्टीकरण दिया कि शब्द ‘विद’ ‘विदआउट’ के बजाय गलती से लिखा गया। वास्तव में डॉक्टर यह कहना चाहते थे कि शारीरिक संबंध ‘पीड़िता की सहमति और इच्छा के बिना’ बनाये गये।

मांगा गया स्‍पष्‍टीकरण

एक स्थान पर पीड़िता को अभियुक्त बताये जाने संबंधी एक अन्य त्रुटि पर भी डाक्टरों ने स्पष्टीकरण दिया है। इस बीच भोपाल के संभाग आयुक्त अजातशत्रु ने कहा कि उनकी गलतियों के कारण रिपोर्ट गलत हो सकती थी। अजातशत्रु ने कहा कि यह संवेदनशील मुद्दा है और डाक्टरों को इस तरह की गलतियों से बचना चाहिए। रिपोर्ट का पूरा मतलब गलत हो गया। हमने दो डाक्टरों डा. खुशबू गजभीये और डॉ. संयोगिता को कारण बताओ नोटिस जारी करके तीन दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा है।

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