काले धन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, आयकर विभाग ने जब्त की 3500 करोड़ की बेनामी संपत्ति

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नई दिल्ली| आयकर विभाग ने 900 से ज्यादा फर्जी मालिकों की ‘बेनामी’ संपत्तियों को जब्त किया है। करीब 3,500 करोड़ रुपये की इन संपत्तियों में फ्लैट्स, दुकानें, आभूषण और वाहन शामिल हैं। आधिकारिक बयान में गुरुवार को यह जानकारी दी गई। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने यहां एक बयान जारी कर कहा कि कर अधिकारियों ने यह कार्रवाई बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम के तहत की है। यह कानून एक नवंबर, 2016 से प्रभावी हुआ है।

अधिनियम के तहत 900 से अधिक संपत्तियों को अटैच किया गया है

बयान में कहा गया, “विभाग ने साल 2017 के मई में पूरे भारत में अपने जांच निदेशालयों के तहत 24 समर्पित बेनामी निषेध इकाइयों (बीपीयूज) की स्थापना की है, ताकि बेनामी संपत्तियों पर तेजी से कार्रवाई की जा सके।

मंत्रालय ने कहा, “विभाग द्वारा किए गए गहन प्रयासों के कारण, अधिनियम के तहत 900 से अधिक संपत्तियों को अटैच किया गया है, जिसमें भूखंड, फ्लैट्स, दुकानें, आभूषण, वाहन, बैक खातों में जमा, सावधि जमा शामिल है।”

पिछले हफ्ते विभाग ने दिल्ली से 41 करोड़ रुपए की नकदी एवं सोना-चांदी जब्त किए थे

बयान में कहा गया कि अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 3,500 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें 2,900 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां शामिल हैं। इस जब्ती के साथ ही पिछले कुछ दिनों में ऐसी जब्ती का कुल मूल्य 61 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। पिछले हफ्ते विभाग ने दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन में स्थित निजी लॉकरों से 41 करोड़ रुपए की नकदी एवं सोना-चांदी जब्त किए थे। बताते हैं कि ये संपत्तियां कथित रूप से दिल्ली के एक बिल्डर और एक गुटखा कारोबारी से संबंधित हैं।

आयकर विभाग ने लोगों को बेनामी लेन-देन से दूर रहने की चेतावनी दी है। ‘बेनामी लेन-देन से रहें दूर’ शीर्षक वाले इस विज्ञापन में कालेधन को मानवता के प्रति अपराध बताया है।

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