विरासत में नहीं मिली सियासत, बीजेपी ने इस तरह तय किया 2 से 281 तक का सफर

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नई दिल्ल्ली। मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी देश में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी हुई पार्टी है। इस पार्टी ने अपनी शुरूआत हिंदू एजेंडे के साथ की थी। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1980 में की गई थी। कई सालों के संघर्ष के बाद भारतीय जनता पार्टी को अब पूरे देश में ख्याति मिली है।

 जानें क्या था इतिहास

सबसे पहले भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई थी, जिसकी स्थापना श्याम प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में की थी। 1952 में भारत में पहले आम चुनाव(लोकसभा) हुए। इस चुनाव में भारतीय जनसंघ ने हिस्सा लिया और तीन सीटें जीतीं। 1957 के दूसरे लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनसंघ ने हिस्सा लिया। इस चुनाव में बीजेएस को 5 सीटें मिलीं। अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार सांसद बने। 1962 में तीसरे लोकसभा चुनाव हुए। इस चुनाव में जनसंघ को बड़ी बढ़त मिली और पार्टी ने 14 सीटों पर जीत दर्ज की।

इसी तरह से 1967 के लोकसभा चुनाव में 32 सांसद जीतकर आए। इस बीच पार्टी संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का 1968 में निधन हो गया। जिसके बाद 1969 में अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष चुने गए। 1973 में पार्टी की कमान लाल कृष्ण आडवाणी को मिली। इस दौरान इंदिरा गांधी के आपातकाल के फैसले के खिलाफ कई लोकतांत्रिक और राष्ट्रवादी राजनीतिक दल एक साथ आ गए। भारतीय जनसंघ और दूसरे कई दलों के इस महागठबंधन को ‘जनता पार्टी’ का नाम दिया गया

1977 में छठवीं लोकसभा के लिए चुनाव हुए। इस चुनाव में जनता पार्टी को 302 सीटें मिलीं। इस बार मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने। 1980 का लोकसभा चुनाव भारतीय जनसंघ ने जनता पार्टी के नाम पर ही लड़ा। जनसंघ के साथ जनता पार्टी को महज 31 सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस ने 353 सीटों के साथ सरकार बनाई।

इस बड़ी हार के बाद मौजूदा समय की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी का जन्म हुआ। 6 अप्रैल 1980 को अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का गठन किया गया। 1984 के अपने पहले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को महज 2 सीटें मिलीं।

इसके बाद 1986 में लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी के अध्यक्ष के रूप में कमान संभाली। 1989 में बीजेपी ने 89 सीटें जीतीं। बीजेपी ने जनता दल को समर्थन देकर वीपी सिंह की सरकार बनवाई। 1991 में मुरली मनोहर जोशी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। इस दौरान आडवाणी ने रथयात्रा की जिसकी वजह से पार्टी को देश में काफी समर्थन मिला।

1991 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 121 सीटें जीतीं। इस चुनाव में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। इस बार कांग्रेस ने समर्थन से पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व में सरकार बनाई। 1996 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 163 सीटों पर जीत दर्ज की। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बीजेपी की केंद्र में सरकार बनी। लेकिन बहुमत न होने के कारण 13 दिनों में ही सरकार गिर गई।

1998 में एक बार फिर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। पार्टी के 183 सांसद जीतकर आए। अटल बिहारी वाजपेयी एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री बने। सरकार गिर गई और 1999 में फिर से चुनाव हुए। एक बार फिर अटल बिहारी वाजपेयी देश के पीएम बने। 2004 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इंडिया शाइनिंग का नारा दिया। लेकिन पार्टी को शिकस्त झेलनी पड़ी। पार्टी को 144 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने डॉ। मनमोहन सिंह के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार बनाई। 2005 में राजनाथ सिंह ने पार्टी का नेतृत्व संभाला। लेकिन 2009 के लोकसभा चुनाव में फिर बीजेपी का जादू नहीं चला। बीजेपी के 119 सांसद चुनकर आए।

2010-13 तक नितिन गडकरी ने पार्टी की कमान संभाली। 2014 लोकसभा चुनाव से एक साल पहले राजनाथ सिंह को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया। पार्टी ने नरेंद्र मोदी के नाम पर अमित शाह जैसे रणनीतिकार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और पहली बार केंद्र में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। पीएम मोदी और अमित शाह की लीडरशिप में बीजेपी ने कई राज्यों के चुनाव जीते। मौजूदा समय में देश के 21 राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की सरकार हैं।

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