बाबा साहब की मूर्तियां तोड़ा जाना एक राजनैतिक साजिश है

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लखनऊ। बीजेपी ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ा जाना एक सोची समझी राजनैतिक साजिश करार दिया है। यूपी के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने इशारों-इशारों में इन घटनाओं के लिए समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान उन्होंने सपा नेताओं को गुंडा तक कह डाला और आलू फेंके जाने वाली घटनाओं को याद दिलाया।

सिद्धार्थनाथ सिंह

इलाहाबाद की शहर पश्चिमी विधानसभा के कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह औऱ होली मिलन समारोह में शामिल होने पहुंचे सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि जब मामले का खुलासा होता है तब पता चल जता है कि इसके पीछे किसका हाथ। ठीक जल्द ही मूर्ति तोड़ने वालों का भी पता चल जाएगा। उसके बाद बसपा सुप्रीमों मायावती को सोचना पड़ेगा कि अंबेडकर की मूर्ति तोड़ने वालों के साथ रहना है कि नहीं रहना है।

सिद्धार्थनाथ सिंह ने दावा किया कि मूर्ति तोड़े जाने की घटनाओं के पीछे राजनैतिक साजिश है। और जो इसके पीछे हैं जल्द ही उनका पर्दाफाश होगा। आपको बता दें कि त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति टूटने के बाद से मानों देश भर में मूर्ति तोड़ने की एक मुहिम सी चल गई है। लेनिन के बाद तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में समाज सुधारक एवं द्रविड़ आंदोलन के संस्थापक ई वी रामासामी‘‘ पेरियार’’ की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया गया। इसके बाद 7 मार्च को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में अराजकतत्वों ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया।

उसके बाद ऐसी ही घटना एटा जिले में भी देखने को मिली। यहां के थाना जलेसर कस्बे में गत 26 मार्च की रात मोहल्ला गोला कुआं में तिराहे के पास स्थित संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर प्रतिमा को अराजक तत्वों ने तोड़ दिया। जिसके बाद काफी हंगामा मचा था।

अभी हाथरस के गांव लाढ़पुर में तिराहे पर लगी डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को निशाना बनाया गया था। in घटनाओं से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए थे।

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