योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में बसपा के बड़े नेता ने थामा बीजेपी का हाथ

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गोरखपुर। सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में होने वाले लोकसभा उप चुनाव के लिए प्रचार में जुट गए हैं। इसी कड़ी में वो गोरखपुर के दो दिनों के दौरे पर थे। मंगलवार को उन्होंने कैम्पियरगंज विधानसभा आयोजित कार्यकर्ता सम्मलेन को संबोधित किया। इस दौरान चौरी-चौरा से पूर्व विधायक और निषाद समाज के बसपा के बड़े नेता जय प्रकाश निषाद भाजपा में शामिल हो गए।

योगी आदित्यनाथ

जयप्रकाश निषाद बसपा का एक बड़ा चेहरा माने जाते थे। वर्ष 2017 विधानसभा का भी चुनाव बसपा की टिकट पर लड़ा था लेकिन भाजपा के प्रत्याशी से वो हार गए। रामभुआल निषाद के सपा में चले जाने के बाद जयप्रकाश निषाद निषाद समाज के बसपा में चेहरा मानें जा रहे थे। माना जा रहा है कि उनके भाजपा में शामिल होने की वजह से बसपा को बड़ा झटका लगा है।

आपको बता दें कि गोरखपुर लोकसभा सीट से सीएम योगी सांसद थे लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। अब इसी सीट पर उप चुनाव होने। यह चुनाव सीएम योगी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। सीएम बनने के बाद पहली बार उनके ही गढ़ में ये चुनाव हो रहा है इसलिए विपक्ष की नजर भी इस सीट पर है।

गोरखपुर सीट पर नजर 

1952 में पहली बार गोरखपुर लोकसभा सीट के लिए चुनाव हुआ और कांग्रेस ने जीत दर्ज की। इसके बाद गोरक्षनाथ पीठ के महंत दिग्विजयनाथ 1967 निर्दलीय चुनाव जीता। इस सीट पर 1970 में योगी आदित्यनाथ के गुरु अवैद्यनाथ ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी।  1971 से 1989 के बीच एक बार भारतीय लोकदल तो कांग्रेस का इस सीट पर कब्ज़ा रहा।

उसके बाद 1970 में योगी आदित्यनाथ के गुरु अवैद्यनाथ ने निर्दलीय जीत दर्ज की। 1971 से 1989 के बीच एक बार भारतीय लोकदल तो कांग्रेस का इस सीट पर कब्ज़ा रहा। 1989 के बाद से इस सीट पर गोरक्षपीठ का कब्ज़ा रहा। महंत अवैद्यनाथ 1998 तक सांसद रहे। उनके बाद 1998 से लगातार पांच बार योगी आदित्यनाथ का कब्ज़ा रहा।

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री और केशव प्रसाद मौर्य के उप मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर और फूलपुर में  11 मार्च को मतदान होगा। जबकि 14 मार्च को परिणाम घोषित किये जायेंगे।

 

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