भाजपा के खिलाफ एक हुए अखिलेश-मायावती लेकिन गठबंधन से इनकार

0

लखनऊ। बीजेपी के खिलाफ विपक्ष एकजुट होने लगे हैं। कयास लगाये जा रहे थे कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी एक साथ हो सकते है। लेकिन बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को सपा-बसपा के बीच गठबंधन की बात को सिरे से खारिज किया है।

मायावती

बसपा अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा है कि फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में उनकी पार्टी भाजपा को हराने वाले उम्मीदवार का समर्थन करेगी। रविवार की शाम मीडिया को दिए अपने बयान में मायावती ने कहा कि बसपा ने कर्नाटक के अलावा किसी अन्य राज्य में किसी भी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए उप्र में सपा के साथ बसपा का गठबंधन होने की बात पूरी तरह से झूठी और आधारहीन है।

मायावती ने कहा कि यदि यहां गठबंधन होगा तो गुपचुप नहीं होगा, बल्कि खुलकर होगा और इसकी जानकारी सबसे पहले मीडिया को ही दी जाएगी। फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव में सपा को समर्थन की बात पर मायावती ने कहा कि इन दोनों सीटों पर बसपा ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने कार्यकताओं को निर्देश दिया है कि वे भाजपा को हराने वाले उम्मीदवार के लिए मेहनत करें। चाहे सपा के हों या किसी दूसरी विपक्षी पार्टी के, लक्ष्य सिर्फ भाजपा को हराना है।”

आपको बता दें कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटें योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद खाली हुई हैं। दोनों नेता लोकसभा से इस्तीफा देकर उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बन चुके हैं। गोरखपुर की सीट योगी आदित्यनाथ के लिए इसलिए जरुरी है क्योंकि इस इसपर सालों उनका अधिकार रहा है और सीएम बनने के बाद उनके लिए ये परीक्षा की भी घड़ी है। वहीँ अखिलेश यादव के लिए एक बार फिर खुद को साबित करने के लिए इन दोनों सीटो पर कब्ज़ा करना जरुरी है। बसपा भी इसी ताक में लगी है। गोरखपुर और फूलपुर में  11 मार्च को मतदान होगा। जबकि 14 मार्च को परिणाम घोषित किये जायेंगे।

loading...
शेयर करें