बजट 2018: मिडिल क्लास को इसलिए नहीं मिली टैक्स में छूट, जानिए जेटली का जवाब

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नई दिल्ली। साल 2018 का आम बजट पारित हो चुका है। बजट को लेकर चारों तरफ चर्चाओं का बाजार गर्म है। शुक्रवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए संवाददाताओं के साथ ओपन हाउस मीटिंग की। जेटली ने इस मीटिंग में इस बार के बजट में मिडिल क्लास को छूट नहीं दिए जाने के सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही टैक्स स्लैब कम कर रखा है। उनकी सरकार पहले ही इस क्लास को राहत दे चुकी है। ऐसे में ये सवाल बनता ही नहीं है।

जेटली ने गिनाई अपने कार्यकाल में दी गई राहतें

वित्तमंत्री अरुम जेटली ने अपने कार्यकाल में लोगों को दी जाने वाली विभिन्न राहतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं कि मध्य वर्ग के लोगों की राहत के लिए टैक्स स्लैब ही बदलें। छोटे टैक्सपेयर्स को टैक्स के दायरे में लाने के लिए पिछले साल 2.5 लाख से 5 लाख रुपये वाले स्लैब पर टैक्स की दर 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई थी।

वित्तमंत्री ने कहा कि 5 प्रतिशत का स्लैब दुनिया में सिर्फ भारत में ही है। यह दुनिया का न्यूनतम टैक्स स्लैब है। उन्होंने कहा कि हमने 50, 60, 70 हजार रुपये महीना आमदनी वाले छोटे कर दाताओं को राहत देने के ये अलग-अलग तरीके अपनाए। हमने इन परोक्ष तरीकों से उनके पॉकेट में ज्यादा पैसे डालने की कोशिश की। छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए यह जरूरी नहीं है कि टैक्स स्लैब को ही बदला जाए।

दो हिस्सों में बंटा नजर आया इस बार का बजट

गुरुवार को पेश बजट सीधे-सीधे दो हिस्सा में बंटा नजर आया। पहला हिस्सा गांव-गरीब और किसान को खुश करने पर वाला था, तो दूसरा हिस्सा मिडिल क्लास का था, जिसे कोई फायदा नहीं मिला। सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया जिससे मध्यमवर्ग नाराज है।

बजट में इम्पोार्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने का बचाव करते हुए वित्तन मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह कदम घरेलू उद्योगों की मदद करने के लिए उठाया है। वित्तं मंत्री ने दावा किया कि सस्ताे इम्पोार्ट देश के लिए खतरा है। सरकार डोमेस्टिक मैन्युाफैक्चतरिंग को प्रोटेक्टर करने के लिए कदम उठाएगी। हमें डोमेस्टिक मैन्यूयफैक्च्रिंग सेक्ट्र में रोजगार को सुरक्षित करना होगा।

जेटली हेल्थ्केयर सेक्टोर सरकार को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा सरकार ने इसे रिवाइज किया है। इसके अलावा सरकार की दूसरी सबसे बड़ी प्राथमिकता किसानों की इनकम को दोगुना करना है। वित्तमंत्री ने कहा कि टैक्स के मोर्चे पर सरकार के पास बहुत कुछ करने की स्कोसप नहीं है। यह बजट सभी को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।

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