जेईई मेन में केमिस्ट्री के पेपर ने परीक्षार्थियों को किया परेशान

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नई दिल्ली। देश के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग संस्थान में स्टडी करने का सपना तो हर किसी का होता हैं। कोई मंजिल को पा जाता तो कोई नहीं। आईआईटी यानि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग में प्रवेश पाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने रविवार को ज्वाइंट इंट्रेंस एग्जाम मेन्स (जेईई मेन्स) परीक्षा का आयोजन किया। इंजिनियरिंग में प्रवेश के लिए जेईई मेन की ऑफलाइन परीक्षा आयोजित हुई। इस परीक्षा के लिए देशभर से साढ़े 10 लाख परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया, जिसमें 3 ट्रांसजेंडर भी थे। इस परीक्षा के लिए 112 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

जेईई मेन
जेईई मेन्स की परीक्षा में रविवार को पहली पाली के दौरान केमिस्ट्री के पेपर ने परीक्षार्थियों को थोड़ा परेशान किया। सुबह 9.30 बजे से शुरू हुई इस परीक्षा में केंद्रों पर सुबह सात बजे से प्रवेश दिया गया। माटुंगा और कोलाबा के केंद्र से परीक्षा देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि केमिस्ट्री का पेपर कठिन था। इस पेपर को लेकर विशेषज्ञों की राय भी विद्यार्थियों से मिलती जुलती है।

सबसे कठिन रहा केमिस्ट्री का पेपर –विद्यार्थियों के साथ साथ इस पेपर के विशेषज्ञों की भी यही राय थी कि केमिस्ट्री का पेपर परेशान करने वाला था। फिटजी मुंबई के निदेशक मोहित सरदाना ने बताया कि फिजिक्स और गणित की तुलना में केमिस्ट्री का पेपर कठिन था। केमिस्ट्री के सवाल बहुत उलझाकर पूछे गए थे, जिसकी वजह से परीक्षार्थियों को परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि जब विषय के जानकार ही कह रहे हैं कि यह पेपर कठिन था, तो सीधा मतलब है कि जेईई मेन के सवालों ने परीक्षार्थियों को खूब छकाया है।

वही राव आईआईटी अकैडमी के निदेशक शशि भूषण ने बताया कि पिछले तीन सालो में जो एग्जाम हुए हैं उनकी तुलना में इस बार केमिस्ट्री का पेपर सबसे कठिन था। भौतिक विज्ञान और मैथ्स के सवाल भी आसान नहीं थे। परीक्षार्थियों को तीन घंटे में यह पेपर हल करना काफी मुश्किल पड़ गया था। इसका सीधा असर जेईई मेन के कटऑफ पर पड़ेगा।

आईआईटी माइंड्स के निदेशक देवेंद्र शुक्ल ने कहा कि मुंबई के परीक्षार्थियों का यह पेपर कठिन गया है। इससे परीक्षार्थी परीक्षा के बाद भी उलझन में थे। उन्होंने फोन करके पेपर के बारे में बताया, तो शुक्ल ने सभी को एक ही आश्वासन दिया कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सबके लिए पेपर एक समान था।

अब ऑनलाइन परीक्षा की बारी- जेईई मेन में ऑफलाइन और ऑनलाइन परीक्षाएं होती हैं। रविवार को ऑफलाइन परीक्षा थी, अब ऑनलाइन परीक्षा की बारी है। यह परीक्षा देशभर के 258 शहरों में आयोजित की जाएगी। जिन लोगों ने ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प का चुना है, ऑफलाइन परीक्षा ने उनका सिर दर्द बढ़ा दिया है। उन्हें अब अपने पेपर की चिंता होने लगी है।

जेईई मेन की परीक्षा में बैठे परीक्षार्थी-
छात्र- 6 लाख 46 हजार 814
छात्रा- 2 लाख 66 हजार 745
ट्रांसजेंडर – 3
परीक्षा केंद्र
देश : 1,613
विदेश : 8
कुल: 1,621

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