Children’s Day  Special : इन गानों को सुनकर आपको भी याद आ जाएगा अपना ‘बचपन’

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नई दिल्ली। आज का दिन नन्हें-मुन्ने बच्चों को समर्पित है। आज 14 नवंबर है और पूरा देश एक साथ मिलकर भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन मना रहा है। वहीं, इस दिन को बाल दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

बाल दिवस

दरअसल, नेहरु जी को बच्चों से बेहद लगाव था इसलिए आज का दिन बाल दिवस के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा इस दिन बच्चों को अधिकार और शिक्षा के बारे में बताकर उन्हें जागरूक भी किया hजाता है। वहीं, बॉलीवुड की अगर बात करें तो बाल दिवस को लेकर कई सारे गाने बनाए गए हैं जो काफी हित भी हुए हैं।

इनमें से कुछ गाने ऐसे भी हैं जो आज भी लोगों को खूब पसंद आते हैं और उनकी जुबान पर रहते हैं। जैसे कि ‘नन्हा-मुन्ना राही हूं’, ‘चंदा है तू मेरा सूरज है तू’, ‘नानी तेरी मोरनी’ और भी तमाम सारे गानें हैं। आइये जानतें हैं ऐसे ही कुछ हिट और सदाबहार गानों के बारें में। जिन्हें सुनकर शायद आपको भी अपना बचपन याद आ जाए…

‘दादी-अम्मा’,  ‘दादी अम्मा मान जाओ’

आज भी जब कोई बड़ा घर में रूठ जाता है तो कई सारे लोग इस गाने को गुनगुनाते हैं। यह घराना फिल्म का है। इस गाने को आशा भोंसले और कमल बारोट ने गया है।

‘नन्हे मुन्ने बच्चे’

यह गाना साल 1954 में रिलीज हुई फिल्म बूट पॉलिश का है। इस गाने में युवा भारत के संकल्प और आकांक्षाओं को दर्शाया गया है। साथ ही यह गाना काफी हित हुआ था। इसे सुनकर आज भी लोग इमोशनल हो जाते हैं।

‘नन्हा मुन्ना राही हूं’

यह गाना फिल्म 1962 में रिलीज हुई फिल्म सन ऑफ इंडिया का है। इस गाने में जोश और उत्साह से भरी देशभक्ति को दर्शाया गया है।

‘नानी तेरी मोरनी और लकड़ी की काठी’

यह गाना साल 1960 में आई फिल्म मासूम का है। जोकि एक छोटी सी बच्ची पर फिल्माया गया है। जिसमें बच्ची अपनी नानी के सामने बहुत मासूमियत के साथ डांस कर रही है। इसके अलावा इस फिल्म का एक और गाना लकड़ी की काठी भी काफी हिट हुआ था।

‘चुन चुन करती आई चिड़िया’

50 के दशक में रिलीज हुई फिल्म ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ का गाना ‘चुन चुन करती आई चिड़िया’ आपके दिल को पिघला देगी। इस गाने में छोटे से लड़के को खुश करने की कोशिश है, जो अपने जीवन से बेहद निराश है।

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