चीन ने पाकिस्तान को दी स्टील बुलेट, बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं बचा पा रही जवानों की जान

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नई दिल्ली। सीमा पर तैनात जवानों को दुश्मनों की गोलियों से बचाने के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। ताकि दुश्मन की गोलियां देश के जवानों के सीने तक ना पहुंच पाएं। लेकिन जब बुलेट प्रूफ जैकेट ही बुलेट को रोकने में नाकाम साबित हो जाए, तो ये देश के जवानों की सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है। बीती 31 दिसंबर को पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में भारत के दो जवान बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के बावजूद शहीद हो गए।

जानिए क्यों बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं बचा सकी जवानों की जान

आखिर बुलेट प्रूफ जैकेट को भेदकर कैसे आतंकियों की गोली भारतीय जवानों के सीने छलनी कर गई। इस बात को लेकर सेना से लेकर देश के गृह मंत्रालय तक खलबली मच गई। इस मामले में सबसे पहले बुलेट प्रूफ जैकेट की गुणवत्ता संदेह के घेरे में आ गई। बुलेट प्रूफ जैकेट की जांच के दौरान जैकेट में कोई कमी नहीं पाई गई। यह पूरी तरह से गोली को रोकने में सक्षम साबित हुई।

जैकेट के बेदाग साबित होने पर देश की सुरक्षा संस्थाओं ने सैनिकों के ऊपर आतंकियों के द्वारा चलाई गई गोलियों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। गोलियों की जांच में पता चला कि इन गोलियों के आगे का हिस्सा मजबूत स्टील का बना हुआ था। जिससे ये गोलियां इस स्टील की मदद से बुलेट प्रूफ जैकेट को भेदने में सफल हो रही हैं। आमतौर पर गोलियों के आगे का हिस्सा तांबे का बना होता है। जिसे बुलेट प्रूफ जैकेट रोकने में कामयाब रहती है।

चीन में तैयार होता है इस तरह का मजबूत स्टील

आतंकियों के पास इस तरह की खास गोली कहां से आ रही है। इस बात को जानना सेना के लिए बहुत जरुरी था। सेना की जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ कि आतंकियों का मददगार कोई और नहीं बल्कि चीन है। चीन में इस तरह का स्टील तैयार किया जा रहा है, जो बुलेट प्रूफ जैकेट को भेद कर किसी के भी सीने के छलनी कर सकता है। इस स्टील से बनी गोलियां चीन द्वारा आतंकियों को सप्लाई की जा रही हैं।

देश के बड़े नेताओं व वीवीआईपी की सुरक्षा भी खतरे में

इस हमले में आतंकियों की गोली ने सेना की बुलेट प्रूफ गाड़ी में भी छेद कर दिए थे। अब सुरक्षा एजेंसियों को खतरा इस बात का है कि देश के बड़े राजनेता और VVIP की सुरक्षा के लिए भी बुलेट प्रूफ कारें लगी हैं, लेकिन आतंकियों की गोली अब उन्हें भी आसानी से निशाना बना सकती हैं।

इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां फिर से जवानों, राजनेताओं और वीवीआईपी की सुरक्षा की समीक्षा कर रही हैं, ताकि उन्हें आतंकियों के नए मंसूबों से महफूज रखा जा सके। इस तरह की जैकेट और वाहन तैयार किए जाएं जो चीन की इस स्टील लगी गोली का भी सामना कर पाएं। अगर अपने देश के जवानों को सुरक्षित रखना है तो चीन की इस स्टील बुलेट का जवाब ढूंढना ही होगा।

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