सीएम योगी को मिलेगा दलितों का ये सबसे बड़ा सम्मान, होने लगा विरोध

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लखनऊ। एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के बाद केंद्र और योगी सरकार आरोपों का सामना कर रही है। दलित संगठन नाराज चल रहे जिन्हें मानाने के लिए बीजेपी पूरी कोशिश में लगी है। इसी बीच अंबेडकर महासभा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘दलित मित्र’ से सम्मान से सम्मानित करने का फैसला लिया है। सीएम योगी को यह सम्मान बाबा साहब अंबेडकर की जयंती यानि 14 अप्रैल को एक समारोह के दौरान दिया जायेगा।

अंबेडकर महासभा

अंबेडकर महासभा एक इस फैलस एक विरोध भी शुरू हो गया है। महासभा के दो वरिष्ठ सदस्य हरीश चंद्र और एसआर दारापुरी ने इस फैसले के खिलाफ एक जनरल मीटिंग भी बुलाई है। उनका कहना है कि महासभा के अध्यक्ष लालजी प्रसाद निर्मल ने ये फैसला अपने राजनीतिक फायदे के लिए किया है।

हरीश चंद्र ने कहा है कि इस महासभा का गठन अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए किया गया है न की किसी फायदे के लिए। उनका आरोप है कि निर्मल राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं जिसकी वजह से उन्होंने ये सब किया है।

वहीँ निर्मंल ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि सीएम योगी को ‘दलित मित्र’ अवॉर्ड’ देने में कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि वो उत्तर प्रदेश में रहने वाले सभी लोगों के मित्र हैं। वो दलितों के भी मित्र हैं। आपको बता दें कि 1998 में अंबेडकर महासभा की स्थापना की गई थी।

आपको बता दें कि दलित विरोध का सामना कर रही योगी सरकार ने दलितों को अपनी तरफ करने के लिए सभी जतन कर रही है। इसी कड़ी में उसने हाल ही में सभी दफ्तरों ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाने का आदेश दिया था। इसके अलावा राज्यपाल राम नाईक के सलाह पर बाबा साहब के नाम में रामजी जोड़ने का भी फैसला किया गया है।

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