विधानसभा चुनाव के लिए 50 हजार में बिक रहा कांग्रेस का टिकट, आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च

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भोपाल। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने एक नई स्कीम निकाली है। इस बार पार्टी का टिकट पाने के लिए दावेदारो को आवेदन पत्र के साथ 50 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भी जमा करना होगा। यह नॉन रिफंडेबल राशि होगी। यानि की इसके बाद उम्मीदवार को चाहे टिकट मिले या न मिले उसका पैसा वापस नहीं होगा। अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों के लिए यह टिकट 25 हजार में उपलब्ध है।

भाजपा ने कहा काला धन सफेद करने का यह नया तरीका

कांग्रेस के इस नए प्रयोग को भाजपा ने काला धन सफेद करने का नया तरीका बताया है। पार्टी के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने ट्वीट कर कहा कि यूपीए राज में करोड़ों के घोटालों के बाद कांग्रेस के टिकट के नाम पर धन उगाही कहीं काले धन को सफेद करने का कोई उपाय तो नहीं है। मोदीजी द्वारा नोटबंदी और चुनावी चंदों में पारदर्शिता लाने के कानून के कारण तमाम राजनीतिक दल के काले कारोबार अब संकट से जुझ रहे हैं।

कांग्रेस ने कहा कि इससे टिकट मांगने वालों में गंभीरता आएगी

मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा कि इससे टिकट मांगने वालों में भी गंभीरता बनी रहेगी और पार्टी को कोष के लिए जूझना भी नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का टिकट मांगने वाले उम्मीदवार पांच मार्च से 15 मार्च के बीच अपना आवेदन प्रदेश कमेटी को तय किए हुए डिमांड ड्राफ्ट के साथ भेज सकते हैं।

इससे गरीब उम्मीदवारों को टिकट न मिलने की संभावना वाले सवाल के जवाब में बावरिया ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस गरीब उम्मीदवारों को पार्टी टिकट देने से वंचित कर रही है। यदि कोई उम्मीदवार गरीब है और दमदार है, तो पार्टी उससे यह राशि नहीं लेगी।

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