इजाजत के बगैर जिग्नेश और उमर ने भरी हुंकार, जंतर-मंतर पर उमड़ा युवाओं का जनसैलाब

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नई दिल्ली। गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवानी के एक विरोध जुलूस कार्यक्रम को पुलिस द्वारा इजाजत नहीं दिए जाने के बावजूद सैकड़ों लोग दिल्ली के संसद मार्ग पर इकट्ठे हुए। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए संसद मार्ग पर अवरोध लगाए गए हैं। वहीं पार्लियामेंट स्‍ट्रीट पर दिल्‍ली पुलिस ने भारी संख्‍या में पुलिस बल तैनात किया है।

हुंकार रैली में उमर खालिद क्या बोले

हुंकार रैली में उमर खालिद ने कहा कि हमें चंद्रशेखर, रोहित वेमुला के लिए इंसाफ़ चाहिए। चंद्रशेखर देश के लिए खतरा है, वह देश के लिए नहीं मनुवादियों के लिए खतरा है।ये सरकार मनुवादियों की सरकार है। हम सारे आंदोलनों को साथ लाएंगे। क्या रोज़गार मिला?, नफरत फैलाने से कुछ नहीं होगा। पुलिस ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश का हवाला दिया जिसमें मध्य दिल्ली में जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है।

मेवानी ने क्या कहा

मेवानी ने गुरुवार को कहा था कि वह व उनके समर्थक मंगलवार को जंतर मंतर से प्रधानमंत्री कार्यालय तक जुलूस निकालेंगे। गुजरात के विधायक ने प्रदर्शन के लिए इजाजत से इनकार करने पर पुलिस व केंद्र सरकार की निंदा की। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले मेवानी ने संवाददाताओं से कहा, एक चुने गए प्रतिनिधि को बोलने की अनुमति नहीं है..यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। हम सिर्फ लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे थे। लेकिन सरकार हमें निशाना बना रही है।

पोस्टरों पर बहुत सारा पैसा खर्च किया गया है

आयोजकों में से एक और जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष मोहित कुमार पांडेय ने कहा, 2 जनवरी को रैली की घोषणा किए जाने के बाद से मेवाणी को एक देशद्रोही और शहरी नक्सली बताने वाले पोस्टरों पर बहुत सारा पैसा खर्च किया गया है। रैली पूर्व निर्धारित समय पर ही होगी। इस बीच संसद मार्ग के नजदीक कुछ पोस्टर्स लगाए गए हैं जिनमें मेवाणी को भगोड़ा बताया गया है।

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