चिकित्सकों ने एचटीएलवी-1 के इलाज को लेकर जारी की चेतावनी

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कैनबरा। चिकित्सकों ने एक प्रचीन वायरस (विषाणु) के ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र के निवासियों में संक्रमण फैसले से रोकने के लिए गंभीर प्रयास का आह्वान किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य ऑस्ट्रेलिया के दूरस्थ इलाकों में वयस्कों में मानव टी-सेल ल्यूकेमिया वायरस टाइप 1 (एचटीएलवी-1) का संक्रमण 40 फीसदी से ज्यादा है। इससे स्वदेशी समुदाय खास तौर से एलिस स्प्रिंग शहर सबसे ज्यादा प्रभावित है।

एचटीएलवी-1–एक प्राचीन वायरस है, जिसका डीएनए 1,500 वर्ष पुराने एंडियन माताओं में पाया जा सकता है, जो मां से बच्चे में, खास तौर से स्तनपान से, असुरक्षित यौन संबंध से व रक्त के संपर्क में आने से फैल सकता है।

चूंकि यह यौन संबंध से फैल सकता है इसलिए इसे यौन संचारित संक्रमण या एसटीआई भी माना जाता है। यह वायरस गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है जिसमें तंत्रिता तंत्र व फेफड़े को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी ब्राक्रिएटेसिस शामिल है।

एचटीएलवी-1 को कभी-कभी ह्यूमन इम्यूनोडिफिसियंसी वायरस (एचआईवी) का रूप कहा जाता है। इसे लेकर बहुत से चिकित्सकों ने इसके रोकथाम, जांच व एचटीएलवी-1 के इलाज को लेकर चेतावनी जारी की है। एचटीएलवी-1 से ल्यूकेमिया व लिम्फोमा भी हो सकता है। इस वायरस की खोज चार दशक पहले हुई थी।

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