रिसर्च:  इस वजह से आपके मोबाइल के लिए ओवरचार्जिंग होती है खतरनाक

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नई दिल्ली। मोबाइल ओवर चार्जिंग की समस्या तब आती है जब बैटरी को कई घंटों तक चार्जिंग पर लगाकर छोड़ दिया जाता है। इस स्थिति में कैथोड से एनोड पर जरूरत से ज्यादा लिथियम आयन पहुंच जाते हैं। जानें मानें वैज्ञानिक डैन स्टेंगार्ट ने एक रिसर्च कर इस बात का पूरा खुलासा किया है। बता दें कि डैन स्टेंगार्ट प्रिन्सटन विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक है, इन्होनें एक इन्टरव्यू में इस बात की पूरी जानकारी दी है। उन्होनें मोबाइल की बैटरी को एक रबड़ बैंड के उदाहरण से समझाने की कोशिश की है।

 

बैट्री को चार्ज करना ऐसा ही है जैसे रबड़ बैंड को खींचना और जब बैटरी का इस्तेमाल हो रहा होता है तो यह रबड़ बैंड के वापस अपनी स्थिति में आने जैसा होता है। जिस तरह से रबड़ को ज्यादा खींचने पर वह टूट जाता है उसी तरह ओवर चार्जिंग से एक साइड में एकत्र हुए ज्यादा लिथियम आयनों के कारण बैटरी भी फट सकती है।

हालांकि, डैन यह भी कहते हैं ज्यादातर मोबाइल की बैटरियों में ओवर चार्जिंग से बचाने की सुविधा भी दी जाती है जिसमें फुल चार्ज होने पर बैटरी अपने आप चार्ज होना बंद हो जाती है। लेकिन, हाल के दिनों में इस व्यवस्था में भी दिक्कतें पाई गई हैं. इसी कारण कई जानकार कभी भी बैटरी को सौ प्रतिशत चार्ज न करने की सलाह भी देते हैं।

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