परीक्षा के दौरान डायबीटीज के स्टूडेंट्स को मिलेंगी विशेष सुविधाएं, CBSE ने डायबीटीज को विकलांगता की कैटिगरी में रखा

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नई दिल्ली। अगर आप टाइप-1 डायबीटीज के पेशेंट हैं और इस बार सीबीएसई बोर्ड से 10वीं या 12वीं की परीक्षा देने जा रहे हैं तो आपके लिए ये खबर बेहद महत्वपूर्ण है। टाइप-1 डायबीटीज के पेशेंट्स के लिए सीबीएसई बोर्ड ने एक नया नियम निकाला है। टाइप-1 डायबीटीज को विकलांगता की कैटिगरी में रखा गया है इसलिए अगर आप चाहते हैं कि एक्जाम के वक्त आपको कुछ अलग सी सुविधाएं मिलें तो उसके लिए आपको विकलांगता वाला फॉर्म भरना होगा।

पिछले साल सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शामिल हो रहे वैसे स्टूडेंट्स जो इंसुलिन पर निर्भर हैं उन्हें परीक्षा केंद्र पर शुगर टैबलेट्स, चॉकलेट, कैंडीज और पानी की बोतल ले जाने की छूट दी थी। सीबीएसई के सर्कुलर में कहा गया था, ‘इन बच्चों को हर थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाने की जरूरत होती है ताकि उन्हें हाइपोग्लैकेमिया से बचाया जा सके जिससे जान का भी खतरा रहता है।’

हालांकि विकलांगता कानून 2017 के तहत जो 21 अक्षमताएं इस लिस्ट में शामिल हैं उसमें डायबीटीज नहीं है।एक्सपर्ट्स के मुताबिक भी डायबीटीज विकलांगता की कैटिगरी मे नहीं आती। इसके अलावा ये भी हो सकता है कि ये स्टूडेंट्स आगे चलकर नौकरी के वक्त या किसी और यूनिवर्लिटी में एडमिशन के वक्त विकलांगता कानून के तहत मिलने वाली सुविधाओं की मांग करें। इस बारे में सवाल करने पर फिलहाल सीबीएसई की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। बता दें, 5 मार्च से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं और ये नियम सिर्फ सीबीएसई बोर्ड के बच्चों के लिए ही है।

 

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