यूपी विधानसभा और सीएम आवास के पास आलू फेंकने वाले किसानों को मिलेगी बड़ी सज़ा

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लखनऊ। विधानसभा, राजभवन और सीएम आवास के बाहर किसानों द्वारा आलू फेंके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन यह पता करने में लगा है कि किस किसान संगठन ने इन जगहों पर आलू फेंके हैं। जिस किसी ने भी ये हरकत की है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

एसएसपी दीपक कुमार ने लिया मामले पर एक्शन

लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार ने मामले पर कडी कार्रवाई करते हुए आलू फेंके जाने के समय गश्त पर मौजूदगी के वक्त लापरवाही बरतने के आरोप में एक दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। संस्पेंड हुए पुलिसकर्मियो में गौतमपल्ली थाना क्षेत्र के सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार (नाइट अफसर), कांस्टेबल अंकुर चौधरी, वेदप्रकाश, हजरतगंज थाने के कांस्टेबल कोमल सिंह, नवीन कुमार शामिल हैं। इसके अलावा जिस लोड़र से आलू लाया गया है पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है। इस सुराग के जरिए आलू फेंकने वालों की तलाश जारी है। एसएसपी दीपक कुमार ने फोन पर भारतीय किसान यूनियन के नेताओं से बात कर मामले की पूछताछ की, मगर किसी भी किसान यूनियन के नेता ने इसकी जिम्मेदारी नही ली है।

इसलिए किसानों ने फेंक दिया था सीएम आवास के बाहर फेंक दिए थे आलू

आलू के कम दाम मिलने पर किसानों ने सरकार से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सैंकड़ो बोरे शहर के प्रमुख स्थानों के बाहर सड़कों पर फेंक दिया था। किसानों को उनके आलू का लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। जिससे परेशान होकर किसानों ने ये कदम उठा लिया। मामले पर सीएम ने कहा कि फिलहाल आलू 487 रुपये प्रति क्विंटल पर लिया जा रहा है, अभी इसकी कीमत बढ़ाई जाएगी।

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