दिव्यांग बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले पिता को अदालत ने दी यह भयंकर सजा

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नैनीताल। उत्तराखंड में एक बार फिर से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला मामला सामने आया है। इस मामले में एक हैवान पिता ने अपनी दिव्यांग बेटी से दुष्कर्म का प्रयास किया था। यह मामला साल 2014 22 फरवरी का है, जब एक पिता ने हवस की भूख में अपनी बेटी को भी नहीं छोड़ा। इस मामले में अदालत ने आरोपी को अब सजा दी है।

इस मामले में सरकारी अधिवक्ता नेगी ने अदालत को बताया कि पटेलनगर क्षेत्र का रहने वाला दोषी पेशे से वाहन चालक है। उसके पांच बच्चे हैं। 22 फरवरी 2014 की रात साढ़े दस बजे चालक काम से घर लौटा। पति व बच्चों आदि को खाना देने के बाद उसकी पत्नी पड़ोस में हो रहे एक कार्यक्रम में चली गई। इस दौरान उसने पति से बच्चों की देखभाल करने की बात कही थी।

जानें फिर क्या हुआ  

लेकिन जब पत्नि घर को लौटी तो उसके होश उड़े के उड़े रह गए उसने देखा कि उसका पति पोलियोग्रस्त बेटी के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश कर रहा है। पत्नी ने झिड़कते हुए उसे बेटी से अलग किया। शोर मचाने पर आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद अगले दिन आरोपी के खिलाफ पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में बेटी ने पिता पर आरोप लगाते हुए सिलसिलेवार घटनाक्रम का जिक्र किया। मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म के प्रयास की पुष्टि हुई। इस मामले में पिता को विशेष न्यायाधीश पोक्सो रमा पांडेय की अदालत ने चार साल की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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