आईटी सेक्टर में जॉब करने वालो के लिए हैं खुशखबरी, जानें क्या हैं पूरी खबर!

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नई दिल्ली। आईटी सेक्टर में जॉब सर्च करने वालो के लिए एक खुशखबरी हैं। अगर आप भी आईटी सेक्टर में नौकरी ढूढ़ रहे हैं तो ये खबर आपके लिए ही हैं। जी हां! आईटी सेक्टर में बूम लौट आया है। देशभर की आईटी कंपनियां ज्यादातर कैम्पसों में बड़ी संख्‍या में हायरिंग करेंगी। पिछले दो क्वॉर्टर्स की तुलना में देशभर की आईटी कंपनियां अगले छह महीने में बड़े पैमाने पर हायरिंग करेंगी। कंपनिया नई टेक्नॉलजी के लिए यह हायरिंग करेंगी।

आईटी सेक्टर

बता दे यह पूरी यह जानकारी आईटी एंप्लॉयमेंट आउटलुक नाम के अप्रैल-सितंबर के बीच किए गए सर्वे से मिली है। इस सर्वे में 500 बड़ी आईटी कंपनियों को शामिल किया है। यह सर्वे मैनपावरग्रुप इंडिया ने किया है। मैनपावर के मनमीत सिंह ने बताया कि, आईटी कंपनिया नए टेक्नॉलजी के साथ तालमेल बनाए रखना चाहती हैं जिस वजह से वह अब आने वाली छमाही में थोड़ी ज्यादा हायरिंग करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस सेगमेंट रोजगार के मौकों की कमी नहीं है और कंपनियां अच्छे प्रफेशनल को बढ़िया सैलरी दे रही हैं। डेटा ऐनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और एआई डिवेलपर्स को मोटी सेलरी भी दी जा रही है।

सूत्रों की माने तो आईटी कंपनियां ऐसे कैंडिडेट्स को भी हायर करना चाहती हैं, जो नई स्किल को तेजी से सीखने का हुनर रखतेहों। खासतौर पर इसमें 0-5 साल के एक्सपीरियंस वाले लोग शामिल हैं। सर्वे के मुताबिक यह भी बताया गया कि सीनियर लेवल पर हायरिंग घट रही है। सर्वे से यह बात सामने आई है कि मिड और सीनियर लेवल के कई आईटी एग्जिक्यूटिव्स खुद को बदलती हुई टेक्नॉलजी के मुताबिक नहीं ढाल पा रहे हैं। आईटी कंपनियां ऐसे टैलंट पर फोकस कर रही हैं, जो ग्लोबल लेवल पर डिजिटल तकनीक से लैस हैं।

वहीं, स्टार्टअप्स भारत में आईटी सेक्टर में एंप्लॉयमेंट में काफी योगदान दे रही हैं। इसमें से कई स्टार्टअप्स एआई, ब्लॉकचेन और रोबॉटिक्स जैसी किसी खास टेक्नॉलजी पर काम कर रही हैं। दूसरी तरफ नॉन-टेक कंपनियां भी अब डिजिटल टेक्नॉलजी की अहमियत को महसूस कर रही हैं। उन्हें पता है कि इससे बिजनस बढ़ाने में कितनी मदद मिल सकती है। सर्वे के मुताबिक, इन कंपनियों में डेटा ऐनालिटिक्स और मशीन लर्निंग में हायरिंग अच्छी-खासी हो सकती है। हायरिंग के लिहाज से फिनटेक और हेल्थ सेगमेंट भी तेजी से उभर रहे हैं जबकि आईटी सेक्टर पहले से ही ट्रेंड एंप्लॉयीज की तलाश कर रहा है। इनमें से सिर्फ 27 पर्सेंट ऐसी कंपनियां हैं, जो एंप्लॉयीज को ट्रेनिंग देना चाहती हैं।

वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा लगभग 53 पर्सेंट के साथ दोगुना है। इस वजह से आने वाले समय में आईटी कंपनियों को मुश्किल हो सकती है। इस बारे में मैनपावर ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर एजी राव ने कहा, ‘आईटी इंडस्ट्री में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इसमें नई स्किल की जरूरत सामने आ रही है, वहीं पुराने एंप्लॉयीज फिट नहीं रह गए हैं।’

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