गुजरात में कांग्रेसी चक्रव्यू में फंसी बीजेपी, इन सीटों पर लगा है दांव

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वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में हो रहे विधानसभा चुनाव पर देश भर की नजरें टिकी हुई हैं। राज्य में इस चुनावी महासमर की तैयारियां पूरी हो गई हैं और महारथियों ने कमान कस ली है। गुजरात में पिछले 22 साल से बीजेपी का शासन है और उसे मात देने के लिए कांग्रेस ने चौतरफा घेरेबंदी की है।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को राज्य में इस कांग्रेसी चक्रव्यूह को तोड़कर दो तिहाई बहुमत के साथ जीत का पूरा भरोसा है लेकिन खुद उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। राजकोट पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे सीएम विजय रूपाणी के सामने कांग्रेस ने इंद्रनील राज्यगुरु को मैदान में उतारा है

राज्यगुरु राज्य के इस साल के सबसे धनी प्रत्याशी हैं और उन्होंने घोषणा की थी कि सीएम विजय रुपाणी राज्य में जहां से भी चुनाव लड़ेंगे, वह उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। राज्यगुरु ने अपने चुनावी शपथ पत्र में 141 करोड़ की संपत्ति घोषित की है। सबसे रोचक मुकाबला पाटीदारों के गढ़ सूरत में देखने को मिलेगा।

वर्ष 2015 से सूरत पाटीदारों के आंदोलन का केंद्र रहा है। पाटीदार अनामत आंदोलन के कड़े विरोध के कारण यहां बीजेपी को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को पाटीदारों के नेता हार्दिक पटेल ने भी कांग्रेस को समर्थन का ऐलान कर दिया। ऐसे में बीजेपी को ‘सूरत’ बचाने में काफी मुश्किल होगी।

इस बीच राज्य गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल की भी मांडवी सीट से विधानसभा पहुंचने की राह कांटों से भरी साबित होने जा रही है। यहां बीजेपी ने अपने कद्दावर नेता वीरेंद्र सिंह जडेजा को टिकट दिया है। गुजरात राज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया और राज्य बीजेपी मंत्री बाबू बोखिरिया इस बार भी पोरबंदर से आमने-सामने हैं। इस बार जीत किसे मिलेगी, यह जानने के लिए सभी उत्सुक रहेंगे।

यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी और कराडिया राजपूतों के बीच समझौते से क्या भावनगर में पार्टी को कोई फायदा होगा या नहीं। उधर, एक अन्य महत्वपूर्ण मुकाबला महुवा सीट पर होने जा रहा है। यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है। यहां कानू कलसारिया ने खुद को आम आदमी पार्टी से अलग कर लिया है और निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

साभार: नवभारत टाइम्स (NBT) 

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