हार्ले डेविडसन बाइक को लेकर ट्रंप का फूटा गुस्सा, भारत को दे डाली ग्लोबल ट्रेड वॉर की धमकी

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नई दिल्ली। अमेरिकी बाइक हार्ले डेविडसन पर भारत द्वारा 50 प्रतिशत कर लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे लेकर भारत को ग्लोबल ट्रेड वॉर की धमकी तक दे डाली है। ट्रंप ने भारत समेत चीन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वो हमारे सामानों पर ट्रैक्स कम नहीं करेंगे तो हम भी जवाबी शुल्क लगाएंगे। यह एक तरह से ग्लोबल ट्रेड वॉर की शुरुआत होगी। उन्होंने अमेरिका में स्टील पर 25 फीसदी व एल्युमिनियम पर 10 फीसदी आयात शुल्क लगाने वाले कानून पर हस्ताक्षर करके औपचारिक रुप से इसकी शुरुआत भी कर दी है।

ट्रंप ने उनके साथ अन्य देशों द्वारा निष्पक्ष व्यवहार न करने का लगाया आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका कंपनियों के साथ अन्य देश निष्पक्ष व्यवहार नहीं करते हैं। उन्होंने टेसला के प्रमुख एलन मस्क के ट्वीट का जिक्र करते हुए कहा कि चीन अमेरिकी कारों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाता है, जबकि आयातित चीनी कारों पर हम केवल 2.5 प्रतिशत शुल्क लगाते हैं। ट्रंप ने कहा कि जवाबी कर कार्यक्रम से अमेरिका के लिये निष्पक्ष व्यापार सौदा सुनिश्चित होगा।

ट्रंप ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि भारत से आयात होने वाली मोटरसाइकिलों पर अमेरिका में जीरो टैक्स लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि चीन हम पर 25 फीसदी चार्ज लगाएगा और भारत 75 फीसदी चार्ज करेगा तो हम भी इसके जवाब में उतना ही टैक्स लगाएंगे।

आयात शुल्क लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर के बाद ट्रंप ने कहा कि नौ महीने की जांच के बाद यह फैसला किया गया है। दशकों से हमारी इंडस्ट्री दूसरे देशों की अनुचित नीतियों का शिकार हुई है। हमारे अनेक प्लांट बंद हुए और लाखों लोग बेरोजगार हो गए। अनुचित व्यापार नीतियां आर्थिक ही नहीं बल्कि यह सुरक्षा के लिए भी खतरनाक हैं।

ट्रंप के इस फैसले का चीन ने विरोध किया है। उनके इस निर्णय से दुनियाभर में ट्रेड वॉर बढ़ने की आशंका छा गई हैं। पूरी दुनिया के कारोबार जगत में फिलहाल हलचल मची हुई है।

जानिए क्या होता है ग्लोबल ट्रेड वॉर

ट्रेड वॉर अर्थात कारोबार की लड़ाई दो देशों के बीच होने वाले संरक्षणवाद का नतीजा होता है। यह स्थिाति तब पैदा होती है, जब कोई देश किसी देश से आने वाले सामान पर टैरिफ ड्यूटी बढ़ाता है। इसके जवाब में सामने वाला देश भी इसी तरह ड्यूटी बढ़ाने लगता है।

ज्यादातर समय पर दुनिया का कोई भी देश यह कदम तब उठाता है, जब वह अपनी घरेलू इंडस्ट्री और कंपनियों का संरक्षण करने के लिए कदम उठाता है। इस ट्रेड वॉर का असर धीरे-धीरे पूरी दुनिया पर दिखने लगता है। इसकी वजह से वैश्विवक स्तर पर कारोबार को लेकर चिंता का माहौल तैयार हो जाता है।

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