वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी खोज, अब खतरनाक बीमारी इबोला का इलाज संभव

0

लंदन। पश्चिम अफ्रीका में कोहराम मचाने वाली सबसे खतरनाक बीमारी इबोला वायरस का खतरा पूरी दुनिया पर मंडरा रहा है। लेकिन अब इस बीमारी को रोका जा सकता है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी एंजाइम की खोज कर ली है जिससे इस खतरनाक बीमारी को रोका जा सकता है।

यह एंजाइम वायरस की अपनी तरह का दूसरा वायरस पैदा करने की क्षमता को छीन लेता है। इस क्षमता के जरिए विषाणुओं की संख्या घटती है और ज्यादा संक्रमण नहीं फैलता। डेनमार्क की यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन के जैकब निलसन के मुताबिक, इस बीमारी का वायरस जैसे ही किसी मानव कोशिश में प्रवेश करता है वैसे ही वो तेजी से फैलने लगता है।

लागातर वो वायरस पैदा करता है पहले वह अपने सभी प्रोटीन की प्रति तैयार करता है और फिर उसकी अनुवंशिक सामग्री की।’ उन्होंने बताया, लेकिन एक विशेष किस्म के एंजाइम का प्रवेश कराने से इबोला वायरस की इस क्षमता को बाधित किया जा सकता है। और इससे संभवत: इबोला वायरस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।’ यह अनुसंधान मॉलिक्यूलर सेल पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

आखिर क्या है इबोला वायरस और ये कैसे फैलता है

आपको बता दें कि इसका पहला मामला आज से 40 साल पहले सामने आया था। साल 1976 में अफ्रीका में पहली बार इबोला संक्रमण का पता चला था। इस बीमारी ने अफ़्रीकी देशों में काफी तबाही मचा कर रखी है।   विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, यह बीमारी फ्रूट बैट यानी चमगादड़ से फैलती है। इबोला वायरस 2 से 21 दिन में शरीर में पूरी तरह फैल जाता है। इसकी वजह से कोशिकाओं से साइटोकाइन प्रोटीन बाहर आने लगता है। कोशिकाएं नसों को छोड़ने लगती हैं और उससे खून आने लगता है।

जब भी कोई इन्सान इस बीमारी से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है उसे यह बीमारी लग जाती है। मरीज के खून, पसीने के संपर्क से और छूने से ये फैलता है। साथ ही पशुओं के संपर्क से भी बीमारी फैलती है।

loading...
शेयर करें