कैसा जाएगा आपका आज का दिन जानने के लिए पढ़ें राशिफल

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।।आज का पञ्चाङ्ग।।

आप सब का मंगल हो/4मार्च दिन रविवार/ऋतु-शिशिर/माह-चैत्र/सूर्य-उत्तरायण/सूर्योदय-06:13/सूर्यास्त-05:47/
राहूकाल(अशुभ समय)शायं04:30 से 06:00 बजे तक/तिथि-तृतिया/पक्ष-कृष्ण/दिशाशूल-पश्चिम/शुभदिशा-पूर्व/
अभिजितमुहूर्त-दोपहर 12:09से 12:55 तक/अमृतमुहूर्त-दोपहर 11:06 से 12:33तक/

।।आज का राशिफल।।

मेष:- आज आपका व्यापर मन्द रह सकता है, वाणी पर नियंत्रण नहीं होने से किसी के साथ वाद-विवाद की संभावना है। स्त्री वर्ग से लाभ होगा। मन की उदासी आप में नकारात्मक विचार ला सकती है।
सुझाव:-आज आप गुड़ युक्त जल से सूर्यार्घ दें।
राशिरत्न:-मूँगा

वृष:- विचारों की दृढ़ता के साथ आप सावधानीपूर्वक काम करेंगे। व्यवस्थित रूप से आर्थिक विषयों का आयोजन कर सकेंगे। अपनी कलात्मक समझ को निखार सकेंगे। वस्त्र, आभूषण, सौंदर्य प्रसाधनों और मनोरंजन के पीछे खर्छ होगा।
सुझाव:-आज आप कुशोदक से सूर्यार्घ दे।
राशिरत्न:-हीरा,ओपल

मिथुन:- आपकी वाणी या व्यवहार आज किसी के साथ गलतफहमी पैदा कर सकते हैं। संबंधियों के साथ खूब संभलकर रहना उचित होगा। बीमारी या दुर्घटना का योग होने से उस सम्बंध में सावधानी रखें। मान-प्रतिष्ठा को लेकर आज सतर्क रहें।
सुझाव:-आज आप केशर युक्त जल से सूर्यार्घ दें।
राशिरत्न:-पन्ना

कर्क:- आर्थिक आयोजनों और नए कार्य की शुरुआत करने के लिए उत्तम दिन है। व्यापार-धंधे में लाभ, नौकरी में पदोन्नति और आय के स्त्रोतों में वृद्धि होने से आप खूब आनंद और संतोष की भावना अनुभव करेंगे। मित्र, पत्नी, पुत्र आदि की तरफ से शुभ समाचार मिलेगा।
सुझाव:-आज श्वेतार्क के पौधे पर रक्त चंदन युक्त जल से सूर्यार्घ दें।
राशिरत्न:-मोती

सिंह:- आज दिन के प्रारंभ में शारीरिक और मानसिकरूप से अस्वस्थता और व्यग्रता का अनुभव हो सकता है। क्रोध की मात्रा अधिक रहने से किसी के साथ मनमुटाव की संभावना है। परंतु मध्याहन के बाद आपकी शारीरिक और मानसिक स्थिति में सुधार होगा।
सुझाव:-आज आप सूर्यार्घ गुलाब के पुष्पों से दें।
राशिरत्न:-माणिक्य

कन्या:- आज नूतन कार्य और प्रवास न करे। प्रेम और धिक्कार की राग-द्वेष जैसी भावनाओं को छोड़कर समतापूर्वक व्यवहार करने का आज दिन है। आध्यात्मिक क्षेत्र में सिद्धियां प्राप्त होने का योग है। परंतु स्वास्थ्य में शिथिलता और व्यग्रता का अनुभव होने की भी संभावना है।
सुझाव:-आज आप मधु युक्तजल से सूर्यार्घ दें।
राशिरत्न:-

तुला:- आज दिन का प्रारंभ आनंदप्रद रहेगा। विचारों में उग्रता और अधिकारत्व की भावनाएं मन में रहेंगी। आर्थिक लाभ की और प्रवास की संभावना है। परंतु मध्याह्न के बाद संध्या के समय किसी से बहस न हो जाए इसलिए आपनी वाणी पर संयम रखना आवश्यक होगा।
सुझाव:-आज आप अपने हाथों से किसी छोटी कन्या को लाल वस्त्र या। रुमाल दान करें।
राशिरत्न:-हीरा,ओपल

वृश्चिक:- बौद्धिक कार्यों को करने के लिए तथा जनसंपर्क बनाए रखने के लिए दिन अच्छा है ।छोटे प्रवास की संभावना है। धन-सम्बंधित आयोजन करने के लिए समय शुभ है। मध्याह्न तथा संध्याकाल के बाद आप मित्रों तथा संबंधियों के साथ प्रवास का आयोजन कर पाएंगे। खान-पान का स्वाद भी ले सकेंगे।
सुझाव:-आज आप मसूर की दाल यथाशक्ति दान करें।
राशिरत्न:-मूंगा

धनु:- शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए संभलकर चले। अधिक श्रम के बाद कार्य में सफलता मिले तो निराश न होइए। प्रवास-पर्यटन को आज हो सके तो टाल दीजिएगा।
सुझाव:-आज आप पंचामृत युक्त जल से सूर्यार्घ दें।
राशिरत्न:-पुखराज

मकर:- आज आप कुछ अधिक संवेदनशील रहेगें। आपकी भावना को भी ठेस पहुंच सकती है। वाहन चलाते समय ध्यान रखिएगा। आपत्तिकर विचार, व्यवहार और आयोजन से दूर रहिएगा। किसी भी कार्य में शीध्र निर्णय लीजिएगा।
सुझाव:-आज आप लालमिर्च के 21 बीज डाल कर सूर्यार्घ दें।
राशिरत्न:-नीलम

कुंभ:- आवश्यक कार्यों के निर्णय न ले। नए कार्य का प्रारंभ करने के लिए आज दिन के प्रारंभ का समय बहुत अनुकुल है। परंतु मध्याह्न के बाद आपकी मानसिक व्यग्रता में वृद्धि संभव है। संपत्ति विषयक दस्तावेज करने के लिए समय अनुकूल नहीं है। विद्यार्थियों के लिए दिन मध्यम है।
सुझाव:-आज आप तिलडाल कर सूर्यार्घ दें।
राशिरत्न:-नीलम

मीन:- आज का दिन आपके स्वार्थी व्यवहार को तिलांजलि देकर अन्यों के विषय में विचार करे। घर, कुटुंब तथा व्यावसायिक क्षेत्र में समाधानकारी व्यवहार अपनाने से वातावरण आपके पक्ष में रह सकता है। वाणी पर संयम रखने से आप विवाद तथा मनदुःख को टाल सकेंगे। आपमें आज कुछ सुधार होगा।
सुझाव:-आज आप लाल कनेर का पुष्प सूर्यनारायण को अर्पित करें।
राशिरत्न:-पुखराज

।।आज के दिन का विशेष महत्व।।
1 आज शिशिर ऋतु चैत्र माह कृष्णपक्ष तृतिया तिथि है।
2 आज छत्रपति शिवाजी की जयंती है।
3 आज रविहस्त नक्षत्र सर्वाथसिद्धि योग व विवाह मुहूर्त है।

।।प्रेरणा दाई चौपाई।।
जननी सम जानहि परनारी।
धनु पराव बिष ते बिषभारी।।

अर्थ:- श्री महर्षि वाल्मीकि जी कहते है हे राम भद्र जो दुरसों कि नारी को मातृवत दृष्टि से देखे पराये धन को विष के समान समझे व जो दूसरों की सम्पत्ति देख कर सुखी हो व विपत्ति देखकर दुखी होजाता हो जिनके तुम प्राण प्यारे हो उन मानवों के मन तुम्हारे लिए सुंदसदन की भांति है आप उन सब के मन मन्दिर में निवास करों।

“अस्तु हम सब को भी उपरोक्त निर्मलता का पालन करना चाहिए।”

।।वास्तु टिप विशेष।।
गजलक्ष्मी का चिन्ह मुख्य द्वार पर लगाना अतिशुभकारी होता है।
जो कि वास्तुदोष का नाश कर घर मे उन्नति जरूर लाता है।

।।इति शुभम्।।

।।आचार्य स्वामी विवेकानन्द।।
।।ज्योतिर्विद, वास्तुविद व सरस् कथा व्यास।।
।।श्री अयोध्या धाम।।
संपर्कसूत्र-9044741252

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