अगर सर्दियों में जाना चाहते हैं हिल स्टेशन तो मसूरी ट्रिप जरुर करें प्लान

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मसूरी। जल्द ही सर्दियों का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में अगर आप सर्दियों के मौसम में किसी हिल स्टेशन का आनंद लेना चाहते हैं तो मसूरी आपके बेस्ट प्लेस है। बताते चलें, राजधानी देहरादून से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मसूरी उन स्थानों में से एक है जहां लोग बार-बार घूमना पसंद करते हैं। यह पर्वतीय पर्यटन स्थल हिमालय पर्वतमाला के शिवालिक श्रेणी में पड़ता है, इसलिए इसे पर्वतों की रानी भी कहा जाता है।

वैसे क्या आपको पता है मसूरी शहर पर्यटकों के लिये परीमहल जैसा प्रतीत होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां उत्तर-पूर्व में हिम मंडित शिखर सिर उठाये दृष्टिगोचर होते हैं, तो दक्षिण में दून घाटी और शिवालिक श्रेणी दिखती है। इसलिए आज अगर आप मसूरी कि ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो आज हम आपको यहां के कुछ फेमस जगहों के बारे में बताने वाले हैं।

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गन हिल

मसूरी की दूसरी सबसे ऊंची चोटी पर रोप-वे द्वारा जाने का आनंद लें। यहां पैदल रास्ते से भी पहुंचा जा सकता है, यह रास्ता माल रोड पर कचहरी के निकट से जाता है और यहां पहुंचने में लगभग 20 मिनट का समय लगता है। रोप-वे की लंबाई केवल 400 मीटर है। सबसे ज्यादा इसकी सैर में जो रोमांच है, वह अविस्मरणीय है।

गन हिल से हिमालय पर्वत श्रृंखला अर्थात् बंदरपंच, श्रीकांता, पिठवाड़ा और गंगोत्री समूह आदि के सुंदर दृश्य देखे जा सकते हैं, साथ ही मसूरी और दून-घाटी का विहंगम दृश्य भी यहां से देखे जा सकते हैं। आजादी-पूर्व के वर्षों में इस पहाड़ी के ऊपर रखी तोप प्रतिदिन दोपहर को चलाई जाती थी ताकि लोग अपनी घड़ियां सैट कर लें, इसी कारण इस स्थान का नाम गन हिल पड़ा।

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म्युनिसिपल गार्डन

मसूरी का वर्तमान कंपनी गार्डन या म्युनिसिपल गार्डन आजादी से पहले तक बोटेनिकल गार्डन भी कहलाता था। कंपनी गार्डन के निर्माता विश्वविख्यात भूवैज्ञानिक डॉ एच फाकनार लोगी थे। साल 1842 के आस-पास उन्होंने इस क्षेत्र को सुंदर उद्यान में बदल दिया था। बाद में इसकी देखभाल कंपनी प्रशासन के देखरेख में होने लगा था। इसलिए इसे कंपनी गार्डन या म्युनिसिपल गार्डन कहा जाने लगा।

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तिब्बती मंदिर

बौद्ध सभ्यता की गाथा कहता यह मंदिर निश्चय ही पर्यटकों का मन मोह लेता है। इस मंदिर के पीछे की तरफ कुछ ड्रम लगे हुए हैं। जिनके बारे में मान्यता है कि इन्हें घुमाने से मनोकामना पूरी होती है।

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चाइल्डर्स लॉज

लाल टिब्बा के निकट यह मसूरी की सबसे ऊंची चोटी है। टूरिस्ट कार्यालय से यह पांच किमी दूर है, यहां तक घोड़े पर या पैदल भी पहुंचा जा सकता है। यहां से बर्फ के दृश्य देखना बहुत रोमांचक लगता है।

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कैमल बैक रोड

कुल तीन किमी लंबा यह रोड रिंक हॉल के समीप कुलरी बाजार से आरंभ होता है और लाइब्रेरी बाजार पर जाकर समाप्त होता है। इस सड़क पर पैदल चलना या घुड़सवारी करना अच्छा लगता है। हिमालय में सूर्यास्त का दृश्य यहां से सुंदर दिखाई पड़ता है। मसूरी पब्लिक स्कूल से कैमल रॉक जीते जागते ऊंट जैसी लगती है।

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झड़ीपानी फाल

यह फाल मसूरी-झड़ीपानी रोड पर मसूरी से 8.5 किमी दूर स्थित है। पर्यटक झड़ी- पानी तक सात किमी की दूरी बस या कार द्वारा तय करके यहां से पैदल 1.5 किमी दूरी पर झरने तक पहुंच सकते हैं।

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भट्टा फाल

यह फाल मसूरी-देहरादून रोड पर मसूरी से सात किमी दूर स्थित है। पर्यटक बस या कार द्वारा यहां पहुंचकर आगे की तीन किमी दूरी पैदल तय करके झरने तक पहुंच सकते हैं। स्नान और पिकनिक के लिए यह अच्छी जगह है।

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