कर्नाटक : कांग्रेस से सत्ता छीनने के लिए अब बीजेपी ने चली ये चाल, अब क्या करेंगे राहुल गांधी

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नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद यहां की सियासत में चल रही उथल-पुथल काफी दिलचस्प बना हुआ है। हर पल टर्न एंड ट्विस्ट आ रहे हैं। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही सत्ता पर काबिज होने के लिए साम,दाम,दंड,भेद सारे उपाय कर रही हैं। कांग्रेस ने तो पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस के साथ हाथ मिलाने का ऐलान कर दिया है।

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वहीँ बीजेपी 104 सीटों के बाद भी बहुमत से दूर है। इसलिए वो भी जेडीएस के साथ गठबंधन करने को उतावली है। वो किसी भी कीमत पर कर्नाटक को अपने हाथों से नहीं जाने देना चाहती। इन सबके बीच ये खबर आ रही है कि बीजेपी, जेडीएस नेता कुमारस्वामी की सीए पद ऑफर कर सकती है। ऐसे में कांग्रेस के लिए मुश्किल पैदा हो सकती है

हालांकि कांग्रेस, जेडीएस को बिना शर्त समर्थन देने को तैयार है। ऐसे में देखना है की जेडीएस किसकी तरफ जाती है। वहीं बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। अब ऐसे में सबकी नजरें राज्यपाल पर टिकी हैं कि वो किसको सबसे पहले मौका देते हैं।

इसी को लेकर मंगलवार दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के घर बैठक हुई, जिसमे कर्नाटक की सियासत में उलटफेर करने के बारे में चर्चा हुई। जे पी नड्डा और प्रकाश जावड़ेकर को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाकर बेंगलुरु भेजा गया है। इसके साथ ही कर्नाटक में भी कुछ दिग्गज मंत्री अपना डेरा जमाये बैठे हैं।

वहीं बीजेपी के नेता केएस ईवरप्पा ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायक उनकी संपर्क में है। इस बीच खनन घोटाले के आरोपी रेड्डी बंधु भी एक्शन भी आ गए हैं। यह भी बताया जा रहा है कि जेडीएस और कांग्रेस के कुछ विधायक जर्नादन रेड्डी व बी श्रीरामुलु के संपर्क में हैं।

वहीँ आज सुबह 11 बजे से बीजेपी विधायकों कि बैठक बुलाई गई है। उधर जनता दल सेकुलर ने बेंगलुरु के पांच सितारा होटल में अपने नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई है। वहीं कांग्रेस ने भी सुबह अपने सभी विधायकों से मुलाकात की है।
आपको बता दें कि 222 सीटों में बीजेपी 104 सीटों पर कब्ज़ा कर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। वहीँ कांग्रेस 78 सीटों पर कब्ज़ा किया है। इसके बाद कांग्रेस ने 38 सीटों वाली जेडीएस को समर्थन देने का फैसला लिया है। सारी नजरें राज्यपाल वजुभाई वाला पर टिक गई हैं, अब देखना दिलचस्प होगा की वो किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं और बीजेपी की अगली रणीनीति क्या होती है।

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