कठुआ रेप मामला: सामने आई हैवानियत, आठ आरोपी 5 दिनों तक नोचते रहे मासूम का जिस्म

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श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ जिले में आठ वर्षीय मासूम के साथ हुई बलात्कार और हत्या मामले को लेकर दरिंदगी का खौफनाक खुलासा हुआ है। दरअसल, इस मामले की जांच कर रहे जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की टीम ने चार्जशीट पेश की है, जिसमें इस मामले के कई आरोपियों का चेहरा बेनकाब किया गया है। इसके अलावा इस चार्जशीट में मासूम के साथ हुई दरिंदगी का भी जिक्र किया गया है।

इसके पहले अदालत में चार्जशीट दाखिल करने गई क्राइम ब्रांच की टीम को रोकने का प्रयास किया गया। वकीलों ने एकजुट होकर इस चार्जशीट को पेश करने के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और उन्हें रोकने की नाकाम कोशिश भी की। पुलिस ने आरोपी वकीलों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस द्वारा अदालत के समक्ष पेश किये गए चार्जशीट में बताया गया है कि  इस पूरे मामले में आठ आरोपियों का चेहरा सामने आया है। मामले का खुलासा करते हुए चार्जशीट में बताया गया कि दस जनवरी की शाम जंगल से लड़की का अपहरण किया गया। फिर मासूम को एक मंदिर में कैद कर लिया गया। यहां पांच दिनों तक अगल अलग आरोपियों ने अपनी हवस का शिकार बनाया।

मामले का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच ने बताया कि इस रेप और हत्या के मामले का मास्टरमाइंड रिटायर्ड राजस्व अफसर संजी राम था। उसी के कहने पर उसके नाबालिग भतीजे दीपक ने अपने साथी के साथ मिलकर मासूम का किडनैप किया था। इसके बाद आरोपी ने मेरठ से अपने एक दोस्त विशाल जंगोत्रा को भी मासूम का रेप करने के लिए बुलाया। वह भी मेरठ से जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले पहुंचा और उसने मंदिर में कैद बच्ची को हवस का शिकार बनाया।

इस मामले में खाकी की भी दागदार भूमिका सामने आई है। चार्जशीट के मुताबिक बच्ची के पिता मोहम्मद यूसुफ ने 12 जनवरी को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मगर जांच में शामिल विशेष पुलिस अधिकारी खजुरिया भी आरोपियों से मिल गए। उन्होंने पहले डेढ़ लाख रुपये घूस में केस रफा-दफा करने की डीलिंग हेड कांस्टेबल के जरिए की। फिर जब आरोपी नाबालिग की हत्या करने जा रहे थे तो उन्हें रोककर कहा-पहले मुझे भी रेप करने दो, फिर हत्या करना।

आपको बता दें कि 10 जनवरी से अपहृत लड़की का पांच दिन तक बलात्कार चला। फिर 15 जनवरी को गला दबाकर और पत्थर से मारकर हत्या कर दी गई।

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